फेस्टिव सीजन में फिर फैलेगा ग्राहक फंसाने वाली इन स्कीमों का जाल, हो जाएं होशियार

त्योहारों का सीज़न चल रहा है और ग्राहकों को फंसाने के लिए हर सेक्टर में स्कीमों की बौछार लगी हुई है.

फेस्टिव सीज़न आते ही हर सेक्टर में स्कीमों की बाढ़ आ जाती है. बहुत से ऑफर और महासेल आपका लालच लूटने के लिए तैयार हो जाते हैं. हालांकि इन स्कीम्स में कई बार ग्राहकों के साथ धोखा भी हो जाता है जिससे उनका त्योहार खुशियों की बजाय सिरदर्द का सबब बन जाता है. हम ऐसी ही कुछ स्कीमों के बारे में बता रहे हैं जिनसे आपको बचना चाहिए.

नो- कॉस्ट ईएमआई

इकॉनमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक ई कॉमर्स कंपनियां, लेंडर्स और रिटेलर्स त्योहारों के मौसम में ये स्कीम खूब चलाती हैं. जैसे 50 हजार के स्मार्टफोन को 5 हजार रुपए की 10 आसान किस्तों पर लेना. ये एक तरह का खेल है जिसमें ग्राहक को पता नहीं चलता कि उसे फ्री कुछ नहीं मिला है.

भारतीय रिजर्व बैंक ने 2013 में जीरो परसेंट ईएमआई पर बैन लगा दिया था. रिजर्व बैंक का कहना था कि ये सिर्फ ठगी का तरीका है. बैंक बाजार वेबसाइट के चीफ बिजनेस ऑफिसर नवीन चंदनानी ने बताया कि लोन पर आने वाली कीमत को लागत में ही जोड़ दिया जाता है. नकद खरीदने में आपको जो डिस्काउंट मिल सकता है वो ईएमआई पर नहीं मिलेगा.

कैशबैक ऑफर

कैशबैक ऑफर में स्टार निशान को लोग मिस कर जाते हैं. उसमें मैक्सिमम कैप, मिनिमम स्पेंड और इफेक्टिव डेट जैसी शर्तें रहती हैं. खरीदारी से पहले जान लेना चाहिए कि कम से कम कितने की शॉपिंग करने पर कैशबैक मिलेगा? तत्काल वाला कैशबैक कई बार शॉपिंग के दो-तीन महीने बाद अकाउंट में आता है. कई बार 20 परसेंट के डिस्काउंट के लिए आपको 50 हजार की शॉपिंग करनी होती है जो कि फायदे का सौदा नहीं है.

लो कॉस्ट लोन

रिटेलर्स और लेंडर्स इंटरेस्ट फ्री पीरियड के लोन का ऑफर देते हैं. मनीटैप के फाउंडर अनुज काकेर ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि ‘ग्राहकों को पता करना चाहिए कि इसमें प्रोसेसिंग फीस शामिल है या नहीं ? ये आमतौर पर 2 परसेंट होती है. ये उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो अपना पैसा लॉक नहीं करना चाहते.’ इसके साथ ही यह भी पता कर लेना चाहिए कि इंट्रेस्ट फ्री पीरियड एक्सपायरी डेट के साथ तो नहीं है.

सबवेंशन स्कीम

रियल एस्टेट में बिल्डर की तरफ से जो फाइनेंसियल हेल्प मिलती है उसे सबवेंशन स्कीम कहते हैं. इसमें ग्राहक से बुकिंग की डाउन पेमेंट लेने के बाद बिल्डर बैंक लोन की मदद लेकर कंसट्रक्शन लिंक्ड पेमेंट प्लान का ऑप्शन देता है. इसके तहत कई सारे प्लान आते हैं. इस स्कीम में ग्राहक को राहत मिलती है लेकिन उसे फ्लैट 7-8% महंगा पड़ता है.

घर के साथ फ्री का सामान

बिल्डर्स मकान का प्लान समझाते वक्त उसके साथ मिलने वाली फ्री चीजें भी बताते हैं. जैसे फर्निश्ड-सेमी फर्निश्ड अपार्टमेंट, एसी और मॉड्यूलर किचन वगैरह. इनके चक्कर में वे मकान की कीमत ज्यादा वसूल लेते हैं.

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