इस तरह हुआ चक्रवात ‘निसर्ग’ का नामकरण, लिस्ट में सुझाए गए थे 160 नाम

मौसम विभाग ने कहा है कि निसर्ग (Cyclone Nisarga) तीन जून की शाम को रायगढ़ और दमन के तट से गुजरेगा इसकी रफ्तार लगभग 105 से 115 किलोमीटर के बीच होगी.
cyclone nisarga update, इस तरह हुआ चक्रवात ‘निसर्ग’ का नामकरण, लिस्ट में सुझाए गए थे 160 नाम

पश्चिम बंगाल में चक्रवात ‘अम्फान’ के कहर बरपाने के एक सप्ताह बाद, देश अब एक और चक्रवात का सामना करने के लिए तैयार है, जो महाराष्ट्र और गुजरात के समुद्र तट की ओर बढ़ रहा है. ‘निसर्ग’ (Cyclone Nisarga) जो वर्तमान में अरब सागर के ऊपर है, का अर्थ प्रकृति है और यह भारत के पड़ोसी देश-बांग्लादेश की तरफ से सुझाया गया है. देशों की सामूहिक तैयार की गई लिस्ट में इस नाम को जोड़ा गया था.

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बांग्लादेश ने ‘फणि’ का भी सुझाव दिया था, जिसने तीन मई, 2019 को ओडिशा में दस्तक दी थी और भारी तबाही मचाई थी.

हिंद महासागर में चक्रवातों के नामकरण की शुरुआत 2000 में हुई और 2004 में एक फार्मूले पर सहमति बनी. अगले कुछ चक्रवातों के नाम गति (भारत द्वारा दियानाम), निवार (ईरान), बुरेवी (मालदीव), तौकते (म्यांमार) और यास (ओमान) रखा जाएगा.

क्यों रखे जाते हैं चक्रवातों के नाम?

उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नाम वैज्ञानिक समुदाय और आपदा प्रबंधकों को चक्रवातों की पहचान करने, जागरूकता पैदा करने और प्रभावी ढंग से चेतावनी जारी करने में मदद के लिए दिए जाते हैं. विश्व मौसम विज्ञान संगठन और एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग, 2000 में आयोजित अपने 27वें सत्र में, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नामकरण पर सहमत हुए थे. बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड पैनल का हिस्सा थे. बाद में 2018 में ईरान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और यमन को शामिल किया गया.

cyclone nisarga update, इस तरह हुआ चक्रवात ‘निसर्ग’ का नामकरण, लिस्ट में सुझाए गए थे 160 नाम cyclone nisarga update, इस तरह हुआ चक्रवात ‘निसर्ग’ का नामकरण, लिस्ट में सुझाए गए थे 160 नाम

दुनिया भर के चक्रवातों के नाम क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्रों (आरएसएमसी) और उष्णकटिबंधीय चक्रवात चेतावनी केंद्रों (टीसीडब्ल्यूसी) द्वारा दिया गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग सहित कुल छह आरएसएमसी और पांच टीसीडब्ल्यूसी हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) को एक मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी सहित उत्तर हिंद महासागर में विकसित होने वाले चक्रवातों के नाम देना अनिवार्य कर दिया गया है.

लिस्ट में सुझाए गए 160 नाम

13 देशों के सुझावों के अनुसार, आईएमडी ने अप्रैल, 2020 में चक्रवात के नामों की एक सूची जारी की. अर्नब, निसर्ग, आग, व्योम, अजार, प्रभंजन, तेज, गति, लुलु जैसे 160 नामों को लिस्ट में रखा गया. आईएमडी के अनुसार नाम, लिंग, राजनीति, धर्म और संस्कृति के प्रति निष्पक्ष होने चाहिए, भावनाओं को चोट नहीं पहुंचाने वाला, आक्रामक नहीं होना, छोटा होना, उच्चारण करने में आसान होना चाहिए.

मौसम विभाग ने किया अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने निसर्ग को लेकर चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार निसर्ग बुधवार को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है. अरब सागर में पैदा हुआ निसर्ग 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र (Maharashtra) के रायगढ़ और दमन में हरिहरेश्वर के बीच इस तूफान के चलते 3 जून को भूस्खलन की संभावना है. आईएमडी ने तीन और चार जून के बीच महाराष्ट्र के पालघर, ठाणे, रायगढ़, धुले, नंदुरबार और नासिक के लिए रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है.

तूफान की स्पीड

मौसम विभाग ने कहा है कि निसर्ग तीन जून की शाम को रायगढ़ और दमन के तट से गुजरेगा इसकी रफ्तार लगभग 105 से 115 किलोमीटर के बीच होगी. वहीं 4 जून को इसकी स्पीड कम होकर 60-70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रह जाएगी. पिछले महीने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने वाले अम्फान की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटे की थी.

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