रोटी से कितना अलग है पराठा, पढ़ें- GST लगने के बाद क्यों सुर्खियों में आया रेडी टू यूज फूड

जो लोग पराठे (Paratha or Parota) खाना पसंद करते हैं अब उनके लिए एक बुरी खबर है. और वो बुरी खबर ये है कि अगर कहीं बाहर रेस्तरां में जाकर पराठे खाएंगे, तो उसका बहुत ही मोटा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है.
Parota is different from Roti, रोटी से कितना अलग है पराठा, पढ़ें- GST लगने के बाद क्यों सुर्खियों में आया रेडी टू यूज फूड

हमारे देश में ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो कि पराठे (Paratha or Parota) की जगह रोटी (Roti) खाना पसंद करते हैं. पर यह आदत मौसम के साथ बदलती रहती है. गर्मी में लोग रोटी खाना पसंद करते हैं तो सर्दी में लोगों को गर्म-गर्म पराठे खाने की आदत है. जो लोग पराठे खाना पसंद करते हैं अब उनके लिए एक बुरी खबर है. और वो बुरी खबर ये है कि अगर कहीं बाहर रेस्तरां में जाकर पराठे खाएंगे, तो उसका बहुत ही मोटा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है.

ऐसा इसलिए क्योंकि अब पराठे पर 18 प्रतिशत जीएसटी (GST) लग गया है. आमतौर पर रोटी और पराठे को एक ही खाना माना जाता है, पर पराठे पर अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएआर) की कर्नाटक पीठ ने पराठे पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है, पर रोटी पर टैक्स की पहले वाली ही 5 प्रतिशत दर है.

देखिए NewsTop9 टीवी 9 भारतवर्ष पर रोज सुबह शाम 7 बजे

कैसे यह मामला चर्चा में आया

अब पराठे पर लगी यह भारी भरकम जीएसटी देश में चर्चा का विषय बन गई है. लोग रोटी और पराठे के जीएसटी में इतना अंतर होने को लेकर सवाल भी कर रहे हैं. वैसे आप सोच रहे होंगे कि ये अचानक पराठे पर इतनी जीएसटी क्यों बढ़ाई गई है. तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर यह मामला कैसे चर्चा में आया.

दरअसल, एएआर के पास एक प्राइवेट फूड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने आवेदन दिया था, जिसमें कहा गया कि पराठा को प्लेन चपाती, रोटी या खाखरा के तौर पर क्लासिफाइड किया जाना चाहिए. इस कंपनी का नाम आईडी फ्रेश फूड्स है, जो कि बेगलुरु में स्थित है. यह कंपनी रेडी टू कुक वाले को तैयार करती है, जैसे कि इडली, पराठा, रोटी और डोसे का घोल. ये कंपनी के ऐसे प्रोडक्ट हैं, जिनमें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी और तुरंत कुक कर इन्हें खाया जा सकता है.

अब बात करते हैं कि यह कंपनी क्यों चाहती है कि पराठे को रोटी के तौर पर क्लासिफाइड किया जाएगा. जीएसटी नोटिफिकेशन के शेड्यूल 1 के एंट्री 99A के तहत रोटी पर 5 फीसदी ही जीएसटी देनी होती है. पर पराठा इसके तहत कवर नहीं होता है.

कंपनी के आवेदन पर एएआर ने अपना आदेश सुनाते हुए कहा कि हेडिंग 1905 में वो चीजें शामिल हैं जो कि पहले से तैयार किए गए और पूरी तरह से पकी हों. इसमें रेडी टू यूज फूड प्रोडक्ट्स शामिल है. पर पराठे को खाने से पहले गर्म करना जरूरी है और इसी आधार पर यह 1905 के अंतर्गत नहीं है.

देखिये #अड़ी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर शाम 6 बजे

Related Posts