इन वादों के बूते खत्म हुआ चार दशक पुराना बोडोलैंड आंदोलन, पढ़ें पूरा समझौता

समझौता लागू होते ही NDFB गुट हिंसा का रास्ता छोड़ देंगे, अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करेंगे और इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक महीने के भीतर अपने सशस्त्र संगठनों को विस्थापित कर देंगे.

भारत सरकार, असम सरकार और बोडो संगठन समूह के प्रमुख चार और कुल 7 समूहों के बीच, सोमवार को बोडोलैंड को लेकर एक अहम समझौता हुआ है. ये समझौता नॉर्थईस्ट के विकास और सुनहरे भविष्य के लिए काफी अहम है. चार दशक पुराना यह आंदोलन 1987 से हिंसक बन गया था, जिसमें 2823 नागरिक संघर्ष में मारे गए. 949 बोडो काडर के लोग और 239 सुरक्षाबल भी इस आंदोलन के चलते मारे गए हैं. ऐसे में ये समझौता काफी ऐतिहासिक है.

समझौते की प्रमुख बातें

1. करीब 1500 हथियारी कैडर का करीब 500 हथियारों के साथ देश की मुख्याधारा में शामिल होना.
2. NDFB/P, NDFB/RD और NDFB/S का देश की मुख्याधारा में शामिल होना.
3. बोडो क्षेत्रों के विकास के लिए तीन वर्षों में 1500 करोड़ रुपये के विकास पैकेज, जिससे विशिष्ट परियोजनाओं का आने वाले समय में किर्यान्वयन हो सकेगा.
4. इस समझौते से BTC के क्षेत्र और शक्तियों में बढ़ोतरी होगी.
5. BTAD के बाहर रहने वाले बोडो संबंधित विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
6. बोडो समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक, भाषायी विषयों को सुरक्षित किया जाएगा.
7. जनजातियों के भूमि अधिकारों का सरंक्षण होगा.
8. जनजातीय क्षेत्रों का तेज गति से विकास होगा.
9. NDFB के काडर का समग्र पुनर्वास होगा.
10. इस समझौते में प्रावधान है की एक कमीशन की नियुक्ति होगी जो की BTAD क्षेत्र से लगते हुए गावों में जनजातीय जनसंख्या के आधार पर शामिल या अलग किए जाने के विषय को, BTC की शब्दावली, क्षेत्र और इसमें होने वाली सीटों के बारे में सिफारिश करेगी. इस कमीशन में राज्य सरकार के आलावा ABSU और BTC के प्रीतिनिधि होंगे.
11. भारत सरकार BTC को विधायी, कार्यकारी, प्रशासनिक, आर्थिक और आंतरिक विषय दिए जाने के लिए कदम उठाएगी.
12. BTAD के बाहर बोडो वेलफेयर काउंसिल की स्थापना की जाएगी.
13. 125वें संविधान संशोधन द्वारा BTC की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों में सुधार होगा.
14. BTAD में बोडो स्कूलों का प्रांतीयकरण.
15. बोडो मीडियम स्कूलों के लिए अलग निदेशालय.
16. उपेंद्ननाथ ब्रह्मा के नाम पर कोकराझार जिले में सांस्कृतिक परिसर की स्थापना.
17. BTAD में एक नए DIG पद का सृजन.
18. बोडो आंदोलन में मारे जाने वाले व्यक्तियों के परिजनों को 5 -5 लाख रुपए मुआवजा.

समझौते के सदस्य

1. केंद्रीय सरकार
2. असम राज्य सरकार
3. Bodoland Territorial Council
4. ABSU
5. NDFB का गोविंदा बासूमातरी घटक
6. NDFB का धीरेंद्र बोड़ा घटक
7. NDFB का रंजन दायीमारी घटक
8. NDFB का सरायगारा घटक
9. United Bodo People Organization (UBPO)

2020 व्यापक बोडो समझौता

मौजूदा समझौते के तहत एक आयोग का गठन करने का प्रस्ताव है, जो कि BTAD से सटे गांवों को शामिल करने और बहुसंख्यक आदिवासी आबादी की जांच करने और बोडो संगठनों और वर्तमान में BTAD से जुड़े गांवों को हटाने की मांग करता है. आयोग में राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ-साथ ABSU और BTC सहित अन्य हितधारक शामिल होंगे. यह अधिसूचना की तारीख से छह महीने के भीतर अपनी सिफारिश प्रस्तुत करेगा.

असम सरकार ने BTAD के बाहर बोडो गांवों के विकास और एसटी और अन्य पारंपरिक वन क्षेत्रवासियों (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत बोडो-कचहरी कल्याण परिषद की स्थापना की, जो BTAD के बाहर वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों के लिए अधिकार प्रदान करती है. असम सरकार बोडो भाषा को राज्य में सहयोगी आधिकारिक भाषा के रूप में अधिसूचित करेगी और बोडो माध्यम स्कूलों के लिए एक अलग निदेशालय की स्थापना करेगी.

समझौता लागू होते ही NDFB गुट हिंसा का रास्ता छोड़ देंगे, अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करेंगे और इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक महीने के भीतर अपने सशस्त्र संगठनों को विस्थापित कर देंगे. भारत सरकार और असम इन गुटों के परामर्श से NDFB (P), NDFB (RD) और NDFB (S) के लगभग 2,000 कैडरों के पुनर्वास के लिए आवश्यक उपाय करेगा.

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