republic day 2020 history and significance, Republic Day 2020 : क्‍यों मनाते हैं गणतंत्र दिवस? जानिए पहली बार कहां हुई थी परेड
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Republic Day 2020 : क्‍यों मनाते हैं गणतंत्र दिवस? जानिए पहली बार कहां हुई थी परेड

भारत एक लोकतांत्रिक देश है. उसे यह पहचान मिली 26 जनवरी, 1950 को. इस दिन भारत का संविधान लागू हो गया यानी सही मायनों में हम इसी रोज आज़ाद हुए.
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देश अपना 71वां गणतंत्र दिवस मनाने को तैयार है. राजधानी दिल्ली में सुरक्षा चौक चौबंद कर दी गई है. रविवार की सुबह राष्ट्रपति लालकिले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे. क्‍या आप जानते हैं कि 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है? गणतंत्र दिवस की परेड सबसे पहले कहां आयोजित की गई थी? आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब.

आजाद होने के बाद देश में कैसी व्‍यवस्‍था हो, इसके लिए एक संविधान सभा का गठन किया गया. संविधान सभा का अध्यक्ष डा. भीमराव अंबेडकर को बनाया गया. इस सभा ने अपना काम 9 दिसंबर 1947 से ही करना शुरू कर दिया था. संविधान निर्माण के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गईं. संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डा. भीमराव अंबेडकर थे. 2 साल, 11 माह, 18 दिन में भारतीय संविधान बनकर तैयार हुआ.

26 नवंबर, 1949 को संविधान की हस्‍तलिखित कॉपी तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद को सौंपी गई. उसी दिन, संविधान सभा ने इसे स्वीकार किया. 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस को रूप में मनाते हैं. कई सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी को संविधान की हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर कर दिए.

भारत एक लोकतांत्रिक देश है. उसे यह पहचान मिली 26 जनवरी, 1950 को. इस दिन भारत का संविधान लागू हो गया यानी सही मायनों में हम इसी रोज आज़ाद हुए.

गणतंत्र दिवस पर होता है वीरों का सम्‍मान

हर साल 26 जनवरी को रायसीना हिल्स से निकलकर राजपथ होते हुए लालकिले तक परेड निकाली जाती है. गणतंत्र दिवस समारोह का समापन ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी से 29 जनवरी को किया जाता है. गणतंत्र दिवस पर ही राष्ट्रपति शूरवीरों को वीरता पुरस्‍कारों से सम्‍मानित करते हैं. गणतंत्र दिवस की संध्या पर राष्ट्रपति पद्म पुरस्कार देते हैं.

गणतंत्र दिवस की परेड देखने के लिए दूसरे देशों के राष्ट्राध्य्क्षों को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता रहा है. हर साल परेड को देखने के लिए राजपथ पर दो लाख से ज्यादा लोग इकठ्ठा होते हैं. खास बात ये है कि भीषण ठंड होने के बावजूद लोग सुबह 4 बजे से ही परेड देखने के लिए पहुंच जाते हैं.

कहां हुई थी पहली परेड?

गणतंत्र दिवस की परेड हर साल राजपथ पर होती है. क्या आप जानते हैं कि पहली परेड यहां नहीं हुई थी. शुरआत में अलग-अलग जगहों पर परेड कराई जाती थी. साल 1951 में पहली गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन इरविन स्टेडियम (नेशनल स्टेडियम) में किया गया था. साल 1952 में गणतंत्र दिवस परेड ‘किंग्सवे’ पर आयोजित की गई. किंग्सवे को ही अब राजपथ के नाम से जाना जाता है.

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1953 में परेड लालकिले में आयोजित की गई. साल 1954 में रामलीला मैदान में परेड का आयोजन किया गया. साल 1955 में राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड का आयोजन हुआ. साल 1955 से गणतंत्र दिवस की परेड राजपथ पर ही होती आ रही है.

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