Vizag में स्टाइरीन गैस ने बरपाया कहर, जानिए- आखिर क्‍या है ये और कितनी है खतरनाक

यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (US National LIbrary of Medicine) की वेबसाइट टॉक्‍स टाउन में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक स्‍टाइरीन व्‍हीकल एग्‍जॉस्‍ट, सिगरेट के धुएं और यहां तक कि नेचुरल फूड जैसे फलों और सब्जियों में भी पाई जाती है. लेकिन इसकी मात्रा इन सबमें कम होती है
Styrene gas wreaked havoc in Vizag, Vizag में स्टाइरीन गैस ने बरपाया कहर, जानिए- आखिर क्‍या है ये और कितनी है खतरनाक

आंध्र प्रदेश के Visakhapatnam में गुरुवार तड़के एक केमिकल प्‍लांट से स्टाइरीन गैस रिसाव के बाद एक नाबालिग सहित 10 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग बेहोश हो गए. इस गैस की चपेट में आने से हजार लोग बीमार भी हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आइए जानते हैं आखिर क्‍या है ये बला?

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स्टाइरीन गैस एक ज्वलनशील तरल है, जिसका प्रयोग प्‍लास्टिक, कंटेनर, पेंट और टायर आदि बनाने में होता है. इसकी गंध मीठी होती है. स्‍टाइरीन को बेंजीन और एथिलीन को मिलाकर बनाया जाता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक पच्‍चीस मिलियन टन स्‍टाइरीन का 2010 में उत्‍पादन किया गया था जो 2018 में बढ़कर 35 मिलियन टन तक पहुंच गया.

कैंसर की वजह बन सकती है ये गैस

यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट टॉक्‍स टाउन में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक स्‍टाइरीन व्‍हीकल एग्‍जॉस्‍ट, सिगरेट के धुएं और यहां तक कि नेचुरल फूड जैसे फलों और सब्जियों में भी पाई जाती है. लेकिन इसकी मात्रा इन सबमें कम होती है, जिसकी वजह से किसी तरह का कोई नुकसान किसी को नहीं होता.

इस गैस के संपर्क में आने से आंखों में जलन और खुजली भी होने लगती है. यहां तक कि गैस्‍टरो से रिलेटेड भी समस्‍या देखने में आती है. सिर दर्द होना, कमजोरी होना और यहां तक कि यह फेफड़ों पर बुरा असर डालती है.

नर्वस सिस्टम पर करती है अटैक

यह गैस यदि नाक या मुंह के जरिए अंदर जाती है तो इससे नर्वस सिस्‍टम पर काफी असर पड़ता है. इसकी वजह से लोग जो इसकी जद में आते हैं उन्‍हें सांस लेने में काफी दिक्‍कत पेश आती है. इस गैस की जद में आने से कोमा जैसी स्थिति भी बन सकती है.

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