पूरे देश में होगा पुतला दहन लेकिन इन गांवों में मनाया जाएगा शोक, रावण की होगी पूजा

पूरे देश में दशहरा धूम-धाम से मनाया जा रहा है लेकिन इन गांवों में आज रावण पूजा जाएगा.

पूरे देश में दशहरा धूमधाम से मनाया जा रहा है. मेलों की रौनक देखने वाली है, रावण के विभिन्न प्रकार के पुतले बनाए गए हैं जो दशहरे पर दहन किए जाएंगे. देश के अलग-अलग हिस्सों में दशहरा अलग तरीकों से मनाया जाता है. मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में चिकलाना गांव है जहां विजयदशमी के 6 महीने पहले उसकी नाक काट दी जाती है. इस काम में हिंदू-मुस्लिम दोनों हिस्सा लेते हैं. कई जगहों पर दशहरा नहीं मनाया जाता और रावण की पूजा की जाती है.

कानपुर का दशानन मंदिर

कानपुर के शिवाला में दशानन मंदिर है जो साल में सिर्फ एक बार, विजयदशमी को खुलता है. पूरे मंदिर को फूलों से सजाकर रावण की मूर्ति को दूध से नहलाया जाता है. फिर श्रद्धालु दशानन की पूजा करते हैं, सरसों के तेल के दीये जलाते हैं. मंदिर के द्वार रावण दहन से पहले बंद कर दिए जाते हैं.

राजस्थान का रावण मंदिर

राजस्थान के जोधपुर जिले में मंदोदरी नाम की एक जगह है. मान्यता है कि यहीं रावण और मंदोदरी का विवाह हुआ था. वहां चांदपोल इलाके में रावण का मंदिर बनाया गया है. रावण और मंदोदरी के विवाह स्थल पर चवरी नाम की एक छतरी मौजूद है.

आंध्र प्रदेश में शक्तिसम्राट रावण

आंध्रप्रदेश के काकिनाड इलाके में रावण का मंदिर है. यहां दर्शन के लिए आने वाले लोग रामभक्त भी होते हैं और रावण को शक्तिसम्राट मानते हैं. शिव के साथ यहां रावण की भी पूजा की जाती है.

कर्नाटक में रावण पूजा

कर्नाटक के मंडया जिले में रावण की पूजा की जाती है. माललवी इलाके में रावण का मंदिर बना हुआ है. कर्नाटक के कोलार जिले में भी रावण का दहन नहीं किया जाता है. कहा जाता है कि रावण महान शिव भक्त था इसलिए उसकी भी पूजा होनी चाहिए.

विदिशा में रावण मंदिर

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में राम और रावण दोनों की पूजा की जाती है. मान्यता है कि यहां के एक गांव में रावण की पत्नी का मायका है. ससुराल होने के नाते यहां रावण दहन करना पाप माना जाता है. इस गांव में रावण का मंदिर भी बना हुआ है.

मंदसौर में रावण की ससुराल

मध्य प्रदेश के मंदसौर में भी रावण की ससुराल है, ऐसी मान्यता है. कहा जाता है कि मंदसौर का नाम प्राचीन काल में दशपुर था. ये जगह रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका बताई जाती है इसलिए दामाद होने की वजह से रावण दहन नहीं किया जाता. दशहरे के दिन रावण की पूजा की जाती है.

बिसरख में रावण के पिता

उत्तर प्रदेश के बिसरख में रावण का मंदिर बना हुआ है. माना जाता है कि इस गांव का प्राचीन नाम विश्वेश्वरा था जिनके बारे में मान्यता है कि वो रावण के पिता था. दशहरे के दिन यहां रावण की पूजा होती है.

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