जानें क्या होता है Persona Non Grata? आखिर कब लिया जाता है इसके तहत एक्शन, डिटेल में

रविवार को भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान उच्चायोग (Pakistan High Commission) के दो अफसरों को जासूसी करते हुए पकड़ा. फिलहाल भारत ने इन दोनों को अस्वीकृत व्यक्ति यानि पर्सोना नॉन ग्राटा (Persona Non Grata) घोषित कर दिया है.
What is persona non grata, जानें क्या होता है Persona Non Grata? आखिर कब लिया जाता है इसके तहत एक्शन, डिटेल में

इन दिनों भारत कोरोनावायरस (Coronavirus) के भारी संकट से जूझ रहा है. वहीं पाकिस्तान है कि अपने हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. रविवार को भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान उच्चायोग (Pakistan High Commission) के दो अफसरों को जासूसी करते हुए पकड़ा. ये दोनों पाकिस्तान की स्पाई एजेंसी आईएसआई (Pakistan ISI) के लिए काम करते हैं. फिलहाल भारत ने इन दोनों को अस्वीकृत व्यक्ति यानि पर्सोना नॉन ग्राटा (Persona Non Grata) घोषित कर दिया है. इन दोनों को पर्सोना नॉन ग्राटा के तहत 24 घंटे के अंदर देश से जाने के लिए कहा गया है.

अब कई लोगों के मन में यह सवाल भी होगा कि आखिर पर्सोना नॉन ग्राटा होता क्या है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि पर्सोना नॉन ग्राटा क्या है और इसके तहत कब एक्शन लिया जाता है. इसके अलावा अब तक किस-किस पर पर्सोना नॉन ग्राटा लग चुका है.

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क्या होता है पर्सोना नॉन ग्राटा?

लेटिन में पर्सोना नॉन ग्राटा एक ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो कि अनजान है और जिसे स्वीकार नहीं कर सकते यानि अस्वीकृत व्यक्ति. इस शब्द का इस्तेमाल किसी विदेशी के लिए किया जाता है, जिसका किसी विशेष देश में प्रवेश या शेष रहना उस देश की सरकार द्वारा निषिद्ध है. पर्सोना नॉन ग्राटा नाम दिया जाना सेंसर का सबसे गंभीर रूप है, जो कि एक देश, विदेशी राजनयिकों पर लागू कर सकता है. किसी राजनयिक को गिरफ्तारी से डिप्लोमेटिक इम्युनिटी के तौर पर यह प्रोटेक्ट करता है.

राजनयिक संबंधों पर वियना कन्वेंशन के अनुच्छेद 9 के तहत, कोई भी देश किसी भी राजनयिक कर्मचारी को किसी भी समय और अपने निर्णय को स्पष्ट किए बिना पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर सकता है. इस तरह पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित किए गए व्यक्ति को एक राजनयिक मिशन से वापस बुलाया जा सकता है या फिर उनके मिशन का टर्मिनेट किया जा सकता है.

यह केवल राजनायिकों पर घोषित नहीं किया जाता है. दूसरे देश के किसी भी व्यक्ति की हरकतों से नाराज एक देश उसे पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर सकता है. कोई देश पर्सोना नॉन ग्राटा उस व्यक्ति पर भी लागू कर सकता है जिसने पहले कभी उस देश में एंट्री नहीं की है.

क्यों किया जाता है इसका इस्तेमाल या कब लेते हैं एक्शन

पर्सोना नॉन ग्राटा का इस्तेमाल ज्यादातर तब किया जाता है जब किसी देश या इकाई के कार्यों से एक देश अपनी नाराजगी दिखाकर इस प्रकार से संकेत देता है. जो देश किसी को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित करते हैं, उन्हें इस तरह के कदम के लिए स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता नहीं होती. ऐसे व्यक्ति को देश से जाने के लिए डेडलाइन दी जाती है. या तो वह देश 24 घंटे का समय दे सकता है या फिर कम से कम 48 घंटों को अंदर पर्सोना नॉन ग्राटा को देश से जाना होता है.

इसे कई देश टिट-फॉर-टैट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. उदाहरण के तौर पर साल 2011 में यूनाइटेड स्टेट और इक्वेडर के बीच चले कोल्ड वॉर को ले लेते हैं, जब विकिलीक्स से तार जुड़े होने के चलते इक्वेडर सरकार ने यूनाइटेड स्टेट के एम्बेसडर को एक्सपेल कर दिया था. इसके बाद अपनी जवाबी कार्यवाही में यूनाइटेड स्टेट ने इक्वेडर एम्बेसडर को निकाल दिया था.

कौन-कौन हुए पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित

1. साल 2016 में भारत ने जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी राजनयिक महमूद अख्तर को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर देश से निष्कासित कर दिया था.

2. इसके बाद 2017 में ही पाकिस्तान विदेश सचिव ने भारतीय राजदूत सुरजीत सिंह को समन भेजकर उन्हें पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित करने की जानकारी दी थी.

3. चीन द्वारा एक्टर ब्रेड पिट को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित किया गया था. चीन ब्रेड पिट की फिल्म ‘सेवन ईयर्स इन तिब्बत’ को लेकर नाराज था.

4. सोवियत यूनियन द्वारा एक जापानी राजनयिक को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित किया था, क्योंकि उन्होंने 1940 में नाजी द्वारा अधिकृत लिथुआनिया से कई हजारों ज्यूज को भगाने में मदद की थी.

5. साल 1988 में एक्ट्रेस क्लेयर डेन्स को फिलिफिन्स सरकार द्वारा पर्सोना नॉ ग्राटा घोषित किया गया था, क्योंकि उन्होंने मनिला सिटी को लेकर आपत्तिजनक बात कही थी.

6. चीन में ह्यूमन राइट्स और फ्रीडम पर खुलकर बोलने के लिए साल 2015 में मिस वर्ल्ड प्रतिभागी एनेसटेसिया पर चीन ने पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित किया था.

7.  2019 में यूक्रेन कल्चर मिनिस्ट्री ने इटली के मशहूर आर्टिस्ट एलबेनो को देश के लिए खतरा बताते हुए पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर दिया था. दरअसल, सिंगर एलबेनो ने खुलकर यह घोषणा की थी कि क्रीमिया, रूस का है और वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के फैन हैं.

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