क्या है UN चार्टर का आर्टिकल 51 जिसकी आड़ में ईरान ने अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कर दिया हमला

आइए, जानते हैं कि यूएन चार्टर, इसका उद्देश्य और इसके आर्टिकल्स क्या है? इसके अलावा ईरान ने जिसका सहारा लिया है वह आर्टिकल 51 क्या है?
Article 51 of the UN Charter, क्या है UN चार्टर का आर्टिकल 51 जिसकी आड़ में ईरान ने अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कर दिया हमला

अमेरिका और ईरान के बीच जंग की आशंका दिनोंदिन मजबूत होती जा रही है. अमेरिका ने इराक की राजधानी बगदाद में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड के जनरल कासिम सुलेमानी की ड्रोन हमले में मार गिराया. इसके जवाब में ईरान ने मंगलवार को इराक स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर एक के बाद एक 22 मिसाइलें दाग दी.

इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने बताया कि यह संयुक्त राष्ट्र के चार्टर (United Nations Charter) के आर्टिकल 51 के तहत आत्मरक्षा के लिए उठाया गया एक ठोस कदम है. वहीं जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘…सब ठीक है. हम कल जवाब देंगे.’

आइए, जानते हैं कि यूएन चार्टर, इसका उद्देश्य और इसके आर्टिकल्स क्या है? इसके अलावा ईरान ने जिसका सहारा लिया है वह आर्टिकल 51 क्या है?

संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र क्या है –

संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र (UN Charter) वह पत्र है जिस पर 50 देशों के हस्ताक्षर करने से संयुक्त राष्ट्र स्थापित हुआ था. आमतौर पर इस पत्र को संयुक्त राष्ट्र का संविधान माना जाता है, लेकिन हकीकत में यह एक संधि है. इस पर 26 जून 1945 को जरूरी 50 हस्ताक्षर हुए. संयुक्त राष्ट्र ने 24 अक्टूबर 1945 को स्थापित हुआ था. उस समय पांच मुख्य संस्थापक देशों चीन, फ्रांस, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और सोवियत संघ ने इस पत्र को स्वीकार किया था. संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों को इसके आर्टिकल्स पर अमल करना होता है.

Article 51 of the UN Charter, क्या है UN चार्टर का आर्टिकल 51 जिसकी आड़ में ईरान ने अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कर दिया हमला

मुख्य रूप से यूएन चार्टर के चार उद्देश्य हैं –

1. वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा बनाए रखना,
2. विभिन्न राष्ट्रों के बीच संबंध विकसित करना,
3. आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक या मानवीय अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के हल के लिए राष्ट्रों के बीच सहयोग को मजबूत करना और
4. यूएन के उद्देश्यों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए देशों क एकजुट होने के लिए मंच मुहैया कराना.

यूएन का चार्टर 19 चैप्टर और 111 आर्टिकल ( अनुच्छेद ) में बंटा हुआ है. इसके सातवें चैप्टर में आर्टिकल 39 से लेकर आर्टिकल 51 तक हैं. चैप्टर सात में किसी देश की संप्रभुता और शांति को पैदा खतरे या उस पर हमले की आशंका की स्थिति से निपटने का प्रावधान है.

संयुक्त राष्ट्र के चैप्टर सात के आर्टिकल 51 में किसी सदस्य राष्ट्र को उस पर सशस्त्र हमले की स्थिति में आत्मरक्षा की कार्रवाई करने के अधिकार के बारे में बताया गया है. इसके तहत अगर किसी सदस्य देश या व्यक्ति के खिलाफ कोई सैन्य हमला होता है तो वह सुरक्षा परिषद की ओर से शांति बहाली के लिए कदम उठाए जाने तक अपने बचाव में कार्रवाई कर सकता है. सदस्य देश की ओर से आत्मरक्षा के लिए की गई कार्रवाई के बारे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को भी फौरन बताने की जरूरत होती है. इसमें देरी करने से यूएन के शांति के प्रयासों को झटका लगने की बात कही गई है.

मौजूदा समय में दुनिया में 195 देश हैं. उनमें से 193 यूएन के सदस्य राष्ट्र हैं. दो देश गैर सदस्य पर्यवेक्षक राष्ट्र हैं. इन दो देशों में द होली सी और फिलिस्तीन के नाम शामिल हैं.

Article 51 of the UN Charter, क्या है UN चार्टर का आर्टिकल 51 जिसकी आड़ में ईरान ने अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कर दिया हमला

अनुच्छेद 51 का मूल पाठ

संयुक्त राष्ट्र के किसी सदस्य के खिलाफ सशस्त्र आक्रमण होने की स्थिति में प्रस्तुत घोषणा पत्र से वैयक्तिक अथवा सामूहिक आत्मरक्षा के सहज अधिकार को तब तक कोई क्षति नहीं पहुंचेगी जब तक सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्यवाही नहीं करती. आत्मरक्षा के इस अधिकार का प्रयोग करते हुए सदस्य जो उपाय अपनायें उनकी तुरंत रिपोर्ट सुरक्षा परिषद को की जाएगी. इससे इस घोषणा पत्र के अधीन सुरक्षा परिषद के इसी अधिकार और उत्तरदायित्व पर किसी प्रकार का विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा कि वह किसी भी समय अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने या उसके पुनः स्थापना के लिए आवश्यक कार्यवाही न करे.

ये भी पढ़ें –

Axis Of Evil का आखिरी निशाना है ईरान, जॉर्ज बुश ने किया था बर्बाद करने का एलान

अमेरिका से जंग में ईरान के लिए ‘ट्रंप’ कार्ड साबित होगा ये तीन किलोमीटर चौड़ा समुद्री गलियारा

Related Posts