लॉन्चिंग पर क्यों दोहराई ‘Lets light this candle’, जानें- SpaceX के ह्यूमन स्पेस मिशन की खास बातें

इस मिशन (SpaceX Human Space Mission) के लिए उसी लॉन्च पैड का इस्तेमाल किया गया, जिसे हाफ सेंचुरी पहले अपोलो के दल को चंद्रमा पर भेजने के लिए इस्तेमाल किया गया था. 
elon musk's spaceX human space mission, लॉन्चिंग पर क्यों दोहराई ‘Lets light this candle’, जानें- SpaceX के ह्यूमन स्पेस मिशन की खास बातें

एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने इतिहास रच दिया है. स्पेसएक्स का रॉकेट फॉल्कन-9 (Falcon) शनिवार को दो अमेरिकी एस्ट्रोनॉट्स को लेकर इंटरनेशनल स्पेस सेंटर (International Space Centre) के लिए रवाना हुआ. यह 9 साल में पहली बार हुआ है जब किसी मानव मिशन के लिए नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने एस्ट्रोनॉट्स को अमेरिकी धरती से अमेरिकी रॉकेट के जरिए स्पेस के लिए रवाना किया है.

डग हर्ले और बॉब बेनकेन नाम के दो एस्ट्रोनॉट्स को ड्रैगन कैप्सूल में बिठाकर स्पेसएक्स के रॉकेट फॉल्कन-9 के साथ स्थानीय समयानुसार 3:22 PM पर स्पेस में भेजा गया. यह ड्रैगन कैप्सूल सफेद और काले रंग का था, जिसका आकार किसी बुलेट की तरह था.

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कुछ ही मिनटों में रॉकेट ने एस्ट्रोनॉट्स को सुरक्षित ऑर्बिट में पहुंचा दिया. एस्टोनॉट्स को इंटरनेशनल स्पेस सेंटर में पहुंचने के लिए 19 घंटे का समय लगेगा.  यह रॉकेट कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि इसके सफल होने के साथ ही यह संभावनाए भी बढ़ गई हैं कि अब अमेरिका अपने रॉकेट्स से अंतरिक्ष यातायात कर सकेगा. 21 जुलाई 2011 के बाद अमेरिकी धरती से कोई मानव मिशन अंतरिक्ष में नहीं भेजा गया था. लेकिन 31 मई को अमेरिका ने इस कमी को मिटाकर नया इतिहास रच दिया.

चलिए जानते हैं इस मिशन की कुछ खास बातें…

1. उड़ान से चंद सेकेंड पहले डग हर्ले ने वहीं लाइन दोहराई, जो कि 1961 में पहले मानव स्पेश मिशन के दौरान एलन शेपर्ड ने कही थीं- Lets light this candle.

2. लोगों को ऑर्बिट में लॉन्च करने वाली स्पेसएक्स पहली निजी कंपनी बन गई. इससे पहले यह उपलब्धि अमेरिका, रूस और चीन की तीनों सरकारों द्वारा हासिल की गई थी.

3. इससे 40 साल पहले नासा ने किसी नए वेहिक्ल में एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस के लिए रवाना किया था.

4. अन्य ग्रहों को आबाद करने के अंतिम लक्ष्य के साथ मस्क ने स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉर्प की स्थापना के 18 साल बाद यह रॉकेट लॉन्च किया.

5. नासा ने साल 2011 में इंटरनेशनल स्पेस सेंटर में अपने रॉकेट से लॉन्चिंग को खत्म कर दिया था. इसके बाद अमेरिका रूस के स्पेसक्राफ्ट रॉकेट्स से यह मिशन करता था.

6. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस मिशन से काफी खुश हैं. लॉन्चिंग के दौरान फ्लोरिडा में कैनेडी स्पेस सेंटर पहुंचे और इस इतिहास के गवाह बने. ट्रंप ने कहा कि मैं यह घोषणा करते हुए रोमांचित हूं कि स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल सफलतापूर्वक लॉ अर्थ ऑर्बिट में पहुंच गया है और हमारे अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित और स्वस्थ हैं. अमेरिकी महत्वाकांक्षा का एक नया युग शुरू हो गया है.

7. इस मिशन के लिए उसी लॉन्च पैड का इस्तेमाल किया गया, जिसे हाफ सेंचुरी पहले अपोलो के दल को चंद्रमा पर भेजने के लिए इस्तेमाल किया गया था.

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