क्यों और कैसे रखा गया Corona Virus का नया नाम ? Covid-19 से लड़ाई में एक हुई दुनिया

एक ऐसा नाम खोजना जरूरी था जो किसी भौगोलिक स्थान, पशु, व्यक्ति या लोगों के समूह को चिह्नित न करता हो. गलत या बदनाम करते नामों के इस्तेमाल को रोकने के लिए इस बीमारी का एक नाम होना जरूरी है.

पड़ोसी देश चीन में कोरोना वायरस का कहर जारी है. वहां अब तक 1,355 से ज्यादा लोगों ने कोरोना की वजह से अपनी जान गंवा दी है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस के कारण वहां महज एक दिन में 242 लोगों की जान जा चुकी है. चीन में इससे अब तक कम से कम 45,174 लोग प्रभावित हुए हैं.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अगले कुछ हफ्तों में वुहान में संक्रमित लोगों की संख्या 5 लाख तक पहुंच सकती है. इस शहर में 23 जनवरी से ही 1 करोड़ 10 लाख लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं. पश्चिमी मीडिया इसे वुहान वायरस नाम से रिपोर्ट किया जाने लगा था. क्योंकि चीन का वुहान शहर ही इस वायरस के प्रकोप का केंद्र है.

क्यों और कैसे रखा Covid-19 नाम

इस खतरनाक वायरस का बुरा असर 25 देशों में फैल चुका है. यात्रा, पर्यटन, कारोबार सब पर असर को देखते हुए इस वायरस से लड़ने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसका नाम कोविड-19 (Covid-19) रखा है. WHO के प्रमुख टेड्रोस एधानोम गेब्रेयेसुस ने जिनेवा में कहा कि अब हमारे पास इस बीमारी के लिए नाम है और यह ‘कोविड-19’ है.

Why and how was Corona Virus renamed, क्यों और कैसे रखा गया Corona Virus का नया नाम ? Covid-19 से लड़ाई में एक हुई दुनिया

उन्होंने नाम की व्याख्या करते हुए कहा कि ‘को’ का मतलब ‘कोरोना’, ‘वि’ का मतलब ‘वायरस’ और ‘डी’ का मतलब ‘डिसीज’ (बीमारी) है. वहीं 19 इसलिए रखा गया है कि इस विषाणु की पहचान पहली बार 31 दिसंबर 2019 को चीन में हुई थी. आखिर में लगी संख्या बीमारी के पैदा होने के वर्ष को दिखाती है.

गेब्रेयेसुस ने बताया कि एक ऐसा नाम खोजना जरूरी था जो किसी भौगोलिक स्थान, पशु, व्यक्ति या लोगों के समूह को चिह्नित न करता हो. गलत या बदनाम करते नामों के इस्तेमाल को रोकने के लिए इस बीमारी का एक नाम होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि कोरोना का पहला टीका 18 महीने में तैयार कर लिया जाएगा.

WHO के प्रमुख ने कोरोना को दुनिया के लिए गंभीर खतरा बताया है. इसके साथ ही कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय जन-स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है. इससे निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र संकट प्रबंधन दल का गठन किया है जो कोविड-19 पर फोकस करेगा.

Covid-19 से लड़ाई में एक हुई दुनिया

वायरस से निपटने के तरीकों पर चर्चा लिए लगभग 400 विशेषज्ञों ने जिनेवा में दो दिनों की बैठक की. इनमें से कुछ वैज्ञानिक इंटरनेट के जरिए बैठक में भाग ले रहे हैं. वे प्रभावी उपचार की तलाश और टीके विकसित करने की योजनाएं भी बना रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया, चीन, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका की कई कंपनियां और संस्थान कोरोना वायरस का टीका विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं.

आइसोलेशन को लेकर चीन की नाकामी

चीन का राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग नोवल कोरोना वायरस के इंसान से इंसान में फैलने की पुष्टि कर चुका है. इसके बावजूद चीन समय से कोरोना से संक्रमित मरीजों की पहचान और उनके आइसोलेशन में नाकाम रहा है. पहले माना जा रहा था कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति चमगादड़ में हुई होगी और यह मनुष्य में सांपों और पैंगोलिन जैसे जीवों के जरिए फैला होगा.

दिसबंर में पहला केस आने के काफी दिन बाद तक कोरोना वायरस की पहचान नहीं हो पाई थी और इसे रहस्यमय निमोनिया माना जा रहा था. WHO के वैज्ञानिकों ने जब कोरोना वायरस की पहचान की तो चीन का लूनर नववर्ष आ गया था. अब तक इस बीमारी के 99 प्रतिशत मामले चीन में ही पाए गए हैं.

Why and how was Corona Virus renamed, क्यों और कैसे रखा गया Corona Virus का नया नाम ? Covid-19 से लड़ाई में एक हुई दुनिया

डरावनी है संक्रमण की रफ्तार

लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन ऐंड ट्रॉपिकल मेडिसिन ने वुहान में वायरस के फैलने के तरीकों का अध्ययन (Study) किया. इसमें पता चला है कि संक्रमण की यही रफ्तार रही तो फरवरी खत्म होते-होते शहर की 5 प्रतिशत आबादी यानी 5 लाख से ज्यादा लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो जाएंगे.

बार्सिलोना में वर्ल्ड मोबाइल कांग्रेस रद्द

कोरोना वायरस की वजह से बार्सिलोना में होने वाली वर्ल्ड मोबाइल कांग्रेस पर भी पड़ा है. 24 से 27 फरवरी तक होने वाले इस आयोजन को रद्द कर दिया गया है. कई बड़ी कंपनियों ने कोरोना वायरस की वजह से मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस से किनारा कर लिया था, जिसमें एरिक्सन, अमेजन, सोनी, इंटेल, एलजी, मीडिया टेक, वीवो, फेसबुक और नोकिया आदि शामिल हैं.

ये भी पढ़ें –

कोरोना वायरस : चीन में अबतक 1355 की मौत, डायमंड प्रिंसेस क्रूज पर 2 भारतीयों के सैंपल पॉजिटिव

मेट्रो में कोरोना वायरस को लेकर Prank करना पड़ा महंगा, Prankster को हो सकती है पांच साल की जेल