क्यों 30 फीसदी ज्यादा चमकता है Super Flower Moon? देखने से पहले जानिए सुपरमून का इतिहास

पिछली बार सुपरमून (Supermoon) अप्रैल के महीने में दिखाई दिया था और उस समय इसे सुपर पिंक मून (Super Pink Moon) कहा गया था.
super flower moon 2020, क्यों 30 फीसदी ज्यादा चमकता है Super Flower Moon? देखने से पहले जानिए सुपरमून का इतिहास

7 मई, 2020 यानी बुद्ध पूर्णिमा के दिन आज साल का आखिरी सुपरमून दिखाई देगा. हालांकि भारत में यह सुपर फ्लॉवर मून नहीं दिखाई देगा, क्योंकि शाम 4:15 पर यह अपने पूरे प्रभाव में होगा और उस समय भारत में कड़ी धूप रहेगी. अगर भारत के लोग सुपर फ्लॉवर मून को देखना चाहते हैं, तो वे इसके लिए इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं. सामान्य के मुकाबले आज चांद काफी बड़ा और चमकीला नजर आएगा.

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के अनुसार, न्यूयॉर्क में सुपर फ्लॉवर मून शाम को 7:10 पर दिखाई देगा. भारतीय समयनुसार यह 4:15 पर अपने चरम पर होगा और काफी सुंदर दिखाई देगा.

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यहां देख सकते हैं सुपर फ्लॉवर मून लाइव

Slooh और Vitual Telescope समेत ऐसे कई यूट्यूब चैनल्स हैं, जो कि खगोलीय घटनाओं को लाइव टेलिकास्ट करते हैं. हो सकता है कि ये चैनल सुपर फ्लॉवर मून का भी लाइव कवरेज करें, ताकि लोग चांद की मनमोहक सुंदरता का आनंद ले सकें.

क्यों कहा जाता है सुपर फ्लॉवर मून

पिछली बार सुपरमून अप्रैल के महीने में दिखाई दिया था और उस समय इसे सुपर पिंक मून कहा गया था. ऐसे ही मई के महीने में दिखने वाले इस मून को सुपर फ्लॉवर मून कहा गया है. दरअसल सुपर मून के नाम अमेरिकी मौसमों, फूलों और क्षेत्रों के नाम पर रखा गया है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लॉवर मून नाम के पीछे एक वजह यह भी है कि मई के महीने में उत्तरी अमेरिका में काफी तदाद में फूल खिलते हैं. इसे सुपर फ्लॉवर मून के अलावा फूल मिल्क मून और कोर्न प्लांटिंग मून भी कहा जाता है.

सुपरमून का इतिहास

एक ज्योतिषी रिचर्ड नोल ने सबसे पहले साल 1979 में सुपरमून का जिक्र किया था. जब पृथ्वी के निकटम बिंदु पर चंद्रमा अपनी कक्षा में पहुंच जाता है, तब इसे सुपरमून कहा जाता है. दिलचस्प बात तो यह है कि जब चंद्रमा के पृथ्वी के नजदीक बिंदु तक पहुंचने के करीब ढाई घंटे बाद पूर्णिमा आरंभ होती है. बताया जा रहा है कि इस साल सुपरमून की पृथ्वी से दूरी 3,56,907 होगी, जबकि आमतौर पर औसतन यह दूरी 3,84,400 होती है.

क्या होता है सुपरमून

चंद्रमा जब पृथ्वी का चक्कर लगाता है, तब एक समय ऐसा भी आता है जब वह पृथ्वी के काफी नजदीक पहुंच जाता है. पृथ्वी के काफी नजदीक होने के कारण चंद्रमा काफी बड़ा और चमकीला दिखाई देता है. इसी को सुपरमून कहा जाता है. सामान्य की तुलना में सुपरमून 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत चमकीला नजर आता है.

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