क्या है 1967 Nathula Faceoff की कहानी? तब भारतीय सेना के आगे टिक नहीं सका था चीन!

भारत और चीन (India-China) के बीच आखिरी सैन्य झड़प सितंबर 1967 में नाथूला (Nathu La) में हुई थी, जिसमें दोनों तरफ से खून बहा था. इस झड़प से पहले गोले दागने और फाइटर जेट्स की धमकियां दी गईं.
What happened in Nathu La in 1967, क्या है 1967 Nathula Faceoff की कहानी? तब भारतीय सेना के आगे टिक नहीं सका था चीन!

भारत-चीन (India) सैनिकों के LAC पर गलवान (Galwan) में हुए फेसऑफ (Face-off) में 20 भारतीय जवान शहीद हुए हैं, जिसमें एक कमांडिंग ऑफीसर भी शामिल हैं. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस खूनी संघर्ष में चीन के भी 43 सैनिक मारे गए हैं. इस फिजिकल क्लैश में कोई फायरिंग नहीं हुई, जबकि नुकीले हथियारों और पत्थरबाजी चीन की तरफ से शुरू हुई और ये खूनी संघर्ष सामने आया.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

इस क्रूर हमले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दो परमाणु शक्तियों के बीच मामले को बढ़ने से बचाने की कोशिश की जाएगी. इतिहास की तरफ देखें तो दोनों देशों के बीच 1967 में इससे पहले खूनी संघर्ष हुआ था.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक भारत और चीन (India-China) के बीच आखिरी सैन्य झड़प सितंबर 1967 में नाथूला (Nathu La) में हुई थी, जिसमें दोनों तरफ से खून बहा था. इस झड़प से पहले गोले दागने और फाइटर जेट्स की धमकियां दी गईं. इस संघर्ष में भारत के 88 सैनिक शहीद हुए जबकि चीन के 300 से ज्यादा सैनिक मारे गए.

ऐसे हुई थी संघर्ष की शुरुआत

संघर्ष की शुरुआत से कुछ हफ्तों पहले भारतीय सेना (Indian Army) की तरफ से बॉर्डर को तीन लेयर के तारों से लैस करने का फैसला हुआ जिसके बाद 20 अगस्त 1967 को ये काम शुरू हुआ.

23 अगस्त को 75 चीनी सैनिक युद्ध की ड्रेस में राइफल्स और बेनट्स के साथ धीरे-धीरे नाथूला की तरफ बढ़े और सीमा के नजदीक पहुंच गए. भारतीय सैनिक इस घटना को देख रहे थे, बाद में चीनी सैनिक पीछे लौट गए.

5 सितंबर को कांटेदार बाड़ को जब कंसर्टिना कॉइल में अपग्रेड किया जा रहा था तो स्थानीय लेवल पर बहस के बाद काम रुक गया.

7 सितंबर को काम फिर शुरू हुआ, जिसने लगभग 100 चीनी सैनिक भड़क गए और हाथापाई तक मामला पहुंच गया. भारतीय सैनिकों द्वारा मारे जाने के बाद चीनी सैनिकों ने पत्थरबाजी का सहारा लिया जिसका उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिला.

10 सितंबर को चीन ने दी चेतावनी

10 सितंबर को चीन ने भारतीय दूतावास के जरिए एक चेतावनी दी कि चीनी सैनिक चीन-सिक्किम सीमा पर हो रहे डेवलेपमेंट को नज़दीक से देख रहे हैं. क्या भारतीय सैनिकों को भड़काऊ घुसपैठ जारी रखनी चाहिए. भारत सरकार गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे.

11 सितंबर को बाड़ का काम पूरा होना जैसे ही शुरू हुआ, चीनी सैनिक विरोध करने लगे. लेफ्टिनेंट कर्नल राय उनसे बात करने बाहर आए और चीन ने गोली चला दी, राय घायल होकर जमीन पर गिर पड़े.

कमांडर पर गोली चलने के बाद तबाह कीं चीनी पोस्ट

कमांडर के घायल होने के बाद इन्फैंट्री बटालियन ने चीनी पोस्ट पर हमला कर दिया, जिसके बाद उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिसमें उनके दो अधिकारी भी शमिल थे. चीन के मशीन गन फायर का जवाब भारत ने तोप से दिया और कई चीनी पोस्ट तबाह कर दीं. इस हमले में भारतीयों की तुलना में कई चीनी सैनिक मारे गए.

ऐसे शांत हुआ मामला

मजबूत भारतीय प्रतिक्रिया से घबराए चीन ने फाइटर जेट्स की धमकी दी. भारत ने 13 सितंबर को मैसेज के जरिए सुबह 5.30 बजे सिक्किम-तिब्बत सीमा पर बिना शर्त युद्ध विराम की पेशकश की जिसे चीन ने अस्वीकार कर दिया, हालांकि 14 तारीख तक स्थिति शांत रही.

15 सितंबर को चीन ने भारतीय सैनिकों के शव, उनके हथियार ये कहते हुए सौंप दिए कि वो भारत-चीन मित्रता को संरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि 1 अक्टूबर को एक और झड़प हुई जिसका भारत ने बखूबी जवाब दिया.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

Related Posts