जॉर्ज फ्लॉयड केस: मिनियापोलिस पुलिस पर पहले भी लग चुके हैं अश्वेत लोगों की मौत के आरोप

जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की हत्या का मामला न तो इस शहर के लिए नया और न ही यहां के पुलिस विभाग के लिए. इससे पहले भी पुलिस कस्टडी में कई अश्वेत लोगों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं.
Death of George Floyd Minneapolis police, जॉर्ज फ्लॉयड केस: मिनियापोलिस पुलिस पर पहले भी लग चुके हैं अश्वेत लोगों की मौत के आरोप

अमेरिका (America) के मिनियापोलिस (Minneapolis) शहर में पुलिस कस्टडी में जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत के बाद प्रदर्शन काफी तेज हो गए हैं. यहां तक कि शहर के पुलिस विभाग को खत्म कर दोबारा से उसके गठन की मांग तेज हो गई है, लेकिन जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का मामला न तो इस शहर के लिए नया और न ही यहां के पुलिस विभाग के लिए. इससे पहले भी पुलिस कस्टडी में कई अश्वेत लोगों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं.

2013 में टेरेंस फ्रैंकलिन की मौत का मामल

एक ऐसा ही मामला 10 मई 2013 का है, जिसे लेकर आज भी लोगों के मन में संदेह बरकरार है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 22 वर्षीय अफ्रीकी अमेरिकी मूल के टेरेंस फ्रैंकलिन (Terence Franklin) नाम के एक शख्स का पुलिस पीछा करती है. पुलिस का कहना है कि वह अपनी कार से बाहर निकले और पास के बेसमेंट में घुस गए.

‘फ्रैंकलिन ने दो अधिकारियों को किया घायल’

पुलिस ने बताया कि पांच अधिकारियों ने फ्रैंकलिन का बेसमेंट में पीछा किया और उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया, लेकिन हाथापाई के दौरान फ्रैंकलिन ने उनमें से एक पुलिसवाले की बंदूक छीनी और दो अधिकारियों को घायल कर दिया.

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’14 मिनट बाद खून में लथपथ मिली फ्रैंकलिन की लाश’

इस घटना के 14 मिनट बाद फ्रैंकलिन को खून में लथपथ पाया गया. उसके सिर और गर्दन पर सात गोलियों के निशान पाए गए. मिनेसोटा में पुलिस की बर्बरता के इतने आरोपों के साथ, 10 मई 2013 को उस तहखाने में वास्तव में क्या हुआ, शायद कभी पता नहीं चलेगा.

जांच में घटनास्थल पर नहीं मिले गोलीबारी के सबूत

आधिकारिक तौर पर कहा गया था कि फ्रैंकलिन ने दो पुलिसवालों को घायल कर दिया था, लेकिन जांच में घटनास्थल पर गोलीबारी के कोई सुराग नहीं मिले. इतना ही नहीं पिछले साल फ्रैंकलिन के परिवार के साथ $795,000 का समझौता हुआ और इस बात को अदालत से बाहर रखा गया.

क्या बताते हैं पुलिस विभाग के आंकड़े?

दरअसल एपी न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मिनियापोलिस पुलिस विभाग के आंकड़ों की समीक्षा में पाया गया है कि पिछले पांच सालों में मिनियापोलिस शहर में कुल दर्ज हुए मुकदमों में 60 फीसदी केस अश्वेत लोगों के खिलाफ हैं, जबकि उनकी जनसंख्या केवल 19 फीसदी है. इतना ही नहीं इन पांच सालों में पुलिस तरफ से इन लोगों पर करीब 11 हजार बार बल प्रयोग किया गया है.

पुलिस डिपार्टमेंट में बल प्रयोग पर कोई स्पष्ट कानून नहीं

वहीं 2015 में अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) ने पुलिस बर्बरता को रोकने के लिए कई दूसरे तरीकों को संबोधित करते हुए एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें मिनियापोलिस के तत्कालीन पुलिस प्रमुख के अनुरोध के बाद अधिक पारदर्शिता और सामुदायिक संबंधों में सुधार हुआ, जिसमें यह पाया गया कि बल प्रयोग और डी-एस्केलेशन रणनीति के उपयोग पर कोई स्पष्ट कानून नहीं थे.

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