देश के सभी जिलों में ESIC सेवाओं का विस्तार करेगी सरकार, 50 प्रतिशत वेतन पर अब ठोक सकेंगे दावा

पहले लाभार्थी अपने नियोक्ता के जरिए ही इस सुविधा का लाभ उठा सकता था, मगर अब कर्मचारी खुद ESIC कार्यालय जाकर अपना दावा कर सकता है. ESIC तकरीबन 3.4 करोड़ परिवारों को चिकित्सा बीमा प्रदान करता है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नौकरियां चली गईं थी, जिसके बाद आई आर्थिक तंगी के चलते वे अपने शहर लौटने पर मजबूर हो गए थे. अब ऐसे ही एम्पलॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) से रजिस्टर्ड कर्मचारियों के लिए सरकार एक स्कीम (अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना) लेकर आई है. अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (Atal Beemit Vyakti Kalyan Yojana) के तहत एम्पलॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन से पंजिकृत ऐसे कर्मचारी, जिनकी लॉकडाउन के दौरान नौकरी चली गई थी, वो बेरोजगारी राहत के रूप में अपने तीन महीने के वेतन की 50 प्रतिशत राशि पर अपना दावा ठोक सकते हैं. बता दें कि इस स्कीम का फायदा उन कर्मचारियों को भी मिलेगा, जिन्हें फिलहाल नौकरी मिल गई है.

पहले लाभार्थी अपने नियोक्ता के जरिए ही इस सुविधा का लाभ उठा सकता था, मगर अब कर्मचारी खुद ESIC कार्यालय जाकर अपना दावा कर सकता है. ESIC तकरीबन 3.4 करोड़ परिवारों को चिकित्सा बीमा प्रदान करता है और इसके जरिए 13.5 करोड़ लाभार्थी कैश बेनिफिट लेते हैं. नए सामाजिक सुरक्षा कोड (social security code) कानून के तहत, सरकार ने देश के सभी 740 जिलों में ईएसआईसी सेवाओं का विस्तार करने का फैसला लिया है.

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लॉकडाउन के दौरान विस्थापित होने वाले लोगों के लिए सरकार द्वारा शुरु की गई अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना को एक आउटरीच के रूप में देखा जा रहा है. यह स्कीम ऐसे आलोचकों को करारा जवाब है, जिन्होने सरकार पर लॉकडाउन के दौरान नौकरी गंवाने वाले प्रवासी मजदूरों की तरफ ध्यान नहीं देने के आरोप मढ़े थे. इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को प्रत्यक्ष तौर पर उपस्थित होकर दस्तावेज जमा करने होंगे, क्योंकि लाभार्थी आधार कार्ड से नहीं जुड़े हैं. बता दें कि दिसंबर महीने तक नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा. श्रम मंत्रालय के मुताबिक, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के विस्तार के रूप में बेरोजगारी राहत को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के बाद से ही रोजाना कम से कम 400 दावे आ रहे हैं. कोरोना महामारी के चलते नौकरी गंवाने वाले बीमित कर्मचारियों को राहत देते हुए शर्तों में छूट भी प्रदान की गई है.

ईएसआईसी ने अपनी औपचारिक अधिसूचना में इस स्कीम के तहत 44 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, श्रम मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि ‘इस योजना को लेकर अभी तक अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला है, मगर भविष्य में इस योजना में तेजी आने की उम्मीद है’. उन्होने कहा कि ‘हम इस स्कीम का विज्ञापन देने की योजना बना रहे हैं, ताकि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लाभार्थियों को मिले’.

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