Pulwama Attack: NIA ने पिता और बेटी को किया गिरफ्तार, अब तक हुईं तीन गिरफ्तारियां

पुलवामा हमले (Pulwama Attack) से पहले तारिक अहमद शाह (Tariq Ahmad Shah) के घर पर ही 15 से 20 बार अतंकियों की मीटिंग हुई थी. सूत्र ने कहा कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां की जाएंगी.

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Attack) के मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. इससे चार दिन पहले ही एजेंसी ने पुलवामा आतंकी हमले के एक साल बाद बड़ी सफलता हासिल की थी. एजेंसी ने शुक्रवार को आत्मघाती हमलावर (Suicide Bomber) आदिल अहमद डार (Adil Ahmad Dar) को शरण देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था.

जांच से जुड़े NIA के एक सूत्र ने बताया, “पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Attack) मामले में एजेंसी ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है.”

सूत्र ने कहा कि हमले में शामिल होने के लिए लेथपोरा (Lothpora) इलाके से एक पिता व बेटी को गिरफ्तार किया गया है. इन दोनों के नाम तारिक अहमद शाह (Tariq Ahmad Shah) और इंशा जां (Insha Jan) है. दोनों आरोपियों की हालिया गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अभी तक कुल तीन आरोपी एजेंसी की गिरफ्त में आ चुके हैं. यह गिरफ्तारियां शाकिर बशीर मागरे (Shakir Bashir Magre) के खुलासे पर की गईं, जिसे 28 फरवरी को आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था.

हमले से पहले तारिक के घर हुई आतंकियों की मीटिंग

पुलवामा हमले से पहले तारिक अहमद शाह के घर पर ही 15 से 20 बार अतंकियों की मीटिंग हुई थी. सूत्र ने कहा कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां की जाएंगी. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) जिले के काकापोरा (kakapore) के हाजीबाल (Hajibal) का निवासी मागरे पाकिस्तान (Pakistan) स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) आतंकी संगठन का ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) है.

शकिर ने कैसे की थी आतंकियों की मदद?

एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, मागरे ने पुलवामा आत्मघाती हमलावर (Pulwama Suicide Bomber) को आश्रय देने के साथ ही अन्य प्रकार से भी सहायता प्रदान की. उसे शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर (Jammu kashmir) की विशेष एनआईए अदालत (NIA Court) ने 15 दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया है.

पूछताछ के दौरान मागरे ने खुलासा किया कि उसने डार और पाकिस्तानी आतंकवादी (Pakistani Terrorist) मोहम्मद उमर फारूक (Mohammad Umar Farukh) को 2018 के अंत से फरवरी 2019 के बीच अपने घर पर पनाह दी और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बनाने में उनकी सहायता की.

उसकी दुकान लेथपोरा पुल के पास स्थित है और मोहम्मद उमर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार, उसने जनवरी 2019 में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग (Jammu-Srinagar National Highway) पर सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले की आवाजाही की टोह लेनी शुरू कर दी और इसके बारे में मोहम्मद उमर और आदिल अहमद डार को सूचित किया.

मारुति ईको कार (Maruti Eeco) को मोडीफाई करने और फरवरी 2019 की शुरुआत में इसमें IED फिट करने में मागरे भी शामिल रहा था. वह 2018 के बीच में मोहम्मद उमर ने आदिल अहमद डार से मिलवाया और इसके बाद वह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का OGW बन गया.

एजेंसी ने 28 फरवरी को कहा था, “उसने अपनी शुरुआती पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि कई मौकों पर उसने JeM आतंकवादियों को हथियार, गोला-बारूद, नकदी और विस्फोटक सामग्री दी, जिसमें पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले लोग भी शामिल थे.

–IANS

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