‘मुझे कोरोना वायरस है, हाथ भी मत लगाओ’, परिवार से यह कहकर इस शख्स ने लगा ली फांसी

50 साल के बालकृष्णा हार्ट (दिल) से संबंधित इलाज कराने के लिए तिरुपति रूया अस्पताल गए थे. डॉक्टरों ने जांच के बाद बालकृष्णा को बताया कि कोई वायरस के लक्षण हैं.

चीन में कोरोना वायरस का डर तो बना ही हुआ है लेकिन उसके डर से भारत में आत्महत्या करने का पहला मामला में सामने आया है. आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में सोमवार को 50 साल के एक व्यक्ति ने फांसी लगा ली.

जानकारी के मुताबिक, शेषमनायुडुकंड्रीगा गांव के रहने वाले बालकृष्णा, हार्ट (दिल) से संबंधित इलाज कराने के लिए तिरुपति रूया अस्पताल गए थे. डॉक्टरों ने जांच के बाद बालकृष्णा को बताया कि कोई वायरस के लक्षण हैं.

बालकृष्णा ने दो दिन तक अस्पताल में इलाज करवाया और रविवार शाम को वह गांव लौट आया. उसने घर वालों से कहा कि मुझे कोरोना वायरस है. कोई भी मेरे पास मत आइए. मुझे हाथ भी मत लगाइए.

इतना ही नहीं जो भी उसके नजदीक आए उनको पत्थरों से मारते हुए मकान के अंदर चला गया और खुद को मकान में बंद कर लिया. यह देख परिवार वालों ने अधिकारियों को फोन करके इसकी जानकारी दी. लेकिन अधिकारियों ने इस शिकायत पर ध्यान नहीं दिया.

सोमवार को बालकृष्णा मकान के बाहर आया और खेत में जाने की बात बताकर चला गया. बालकृष्णा को मकान से बाहर देख सभी खुश हुए. लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं रह पाई. बालकृष्णा ने खेत में मां की समाधि के पास पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी. बालकृष्णा के घर में उसकी पत्नी, बेटी और दो बेटे हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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