एक प्रतियोगिता ने बदल दी थी एसपी बालासुब्रमण्यम की जिंदगी, ऐसा रहा महान सिंगर का सफर

बाला सुब्रहम्ण्यम ने अपने करियर में 5 से ज्यादा भाषाओं में 40 हजार से ज्यादा गानें गाएं हैं. उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और मलयालम भाषा में बेहतरीन गाने गाए हैं जिन्हें लोग आज भी याद करते हैं.

मशहूर गायक एसपी बालासुब्रमण्यम (SP Balasubramanyam) का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है. कोरोना से एक लंबी जंग लड़ने के बाद चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में उन्होंने शुक्रवार को आखिरी सांस ली. एसपी बालासुब्रमण्यम 5 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे जिसके बाद वह एमजीएम अस्पताल में भर्ती हो गए थे. उन्हें कोरोना के बेहद हल्के लक्षण थे लेकिन फिर भी उन्होंने कोई रिस्क न लेते हुए अस्पाताल में भर्ती होने का फैसला लिया था.

गुरुवार रात को खबर आई थी कि एसपी सुब्रह्मण्यम की हालत बेहद नाजुक है और आईसीयू में वेंटिलेटर और ECMO सपोर्ट पर रखा गया है. बताया जा रहा था दिग्गज गायक एसपी बाला सुब्रमण्यम की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है. मशहूर अभिनेता कमल हासन उनसे मिलने एमजीएम अस्पताल पहुंचे थे.

बता दें,  बाला सुब्रमण्यम ने बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में कई बेहतरीन गानों को अपनी आवाज दी है. उन्होंने सलमान की ज्यादातर फिल्मों में गाने गाए हैं. इनमें ‘मैंने प्यार किया’, ‘साजन’ और ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी फिल्में शामिल हैं. बाला सुब्रह्मण्यम का जन्म आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के पास कोनेटमपेटा में एक तेलुगु ब्राह्मण परिवार में हुआ था. वह तीन बेटों और पांच बेटियों के परिवार में दूसरे बेटे थे. उनकी बहन एस.पी. शैलजा भी टॉलीवुड की अभिनेत्री-गायिका रह चुकी हैं, उनकी शादी सुभलेखा सुधाकर से हुई जिनसे उनके दो बच्चे हैं. बेटी पल्लवी और बेटा, एस.पी. बी चरण.

यह भी पढ़ें: नहीं रहे मशहूर गायक एसपी बालासुब्रमण्यम, कोरोना से लंबी जंग लड़ने के बाद निधन

बचपन से ही थी संगीत में रुची

बालासुब्रमण्यम को बचपन से ही संगीत में रुची थी लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वह इंजीनियर बनें. अपने पिता की बात मानते हुए उन्होंने JNTU में इंजीनियरिंग कोर्स के लिए दाखिला लिया हालांकि टाइफाइड होने के कारण उन्हें पढ़ाई रोकनी पड़ी. बाद में उन्होंने एएमआईई में दाखिला लिया. इसी दौरान वह कई गाने की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेने लगे जिसमें उन्होंने कई पुरस्कार हासिल किए. वह अपने कॉलेज में भी अपने गानों के लिए मशहूर थे.

ऐसे आया एसपी बालासुब्रमण्यम के जीवन में टर्निंग पॉइंट

एसपी बालासुब्रहम्णयम के लिए टर्निंग पॉइंट उस समय आया जब 1964 में मद्रास में तेलेगु कल्चरल ऑर्गनाइजेशन ने एक गाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया खास उन लोगों के लिए जिन्हें गाने में रुचि थी. बालासुब्रहम्णयम ने इस प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार जीता. इसके साथ ही यहीं उनके लिए फिल्म इंडस्ट्री के दरवाजे खुल गए. संगीत निर्देशक एसपी कोडंदापानी ने उन्हें अपने विंग में शामिल कर लिया जिसके बाद उन्हें तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में गाने का मौका मिला.

यह भी पढ़ें: सुशांत ने नहीं की खुदकुशी, गला घोंटकर हुई हत्या- विकास सिंह

सबसे ज्यादा गाना गाने का रिकॉर्ड दर्ज

बाला सुब्रमण्यम की फिल्मों में गाना गाने की शुरुआत फिल्म ‘संगीत’ से 15 दिसंबर 1966 में हुई. इस फिल्म में उन्होंने मर्यादा रमन्ना के साथ गाना गया. उन्होंने अपने करियर में 5 से ज्यादा भाषाओं में 40 हजार से ज्यादा गानें गाएं हैं. उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और मलयालम भाषा में बेहतरीन गाने गाए हैं जिन्हें लोग आज भी याद करते हैं. एक समय में बाला सुब्रमण्यम इतने व्यस्त थे कि वह करीब 12 घंटों में 17 गाने गा लेते थे. उनके नाम सबसे ज्यादा गाना गाने का रिकॉर्ड दर्ज है. उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल है.

Related Posts