खून में विटामिन D के लेवल से चल सकता है भविष्य में होने वाली बीमारियों का पता: स्टडी

विटामिन डी (Vitamin D) हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है और इसका मुख्य स्रोत सूर्य (Sun) की किरणे हैं. शरीर में विटामिन डी के कई रूप या मेटाबोलाइट्स (Metabolites) हैं. इन मेटाबोलाइट्स की कुल मात्रा को अक्सर विटामिन डी का आकलन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि बुजुर्गों और विशेष रूप से पुरुषों के खून में विटामिन डी (Vitamin D) के लेवल से, उनमें भविष्य में होने वाले स्वास्थ्य खतरों का बेहतर तरीके से अनुमान लगाया जा सकता है. बुजुर्गों में विटामिन डी की कमी एक आम बात है. विटामिन डी की कमी से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. अध्ययन से पता चलता है कि रक्त प्रवाह (Blood stream) में पाया जाने वाला विटामिन डी, व्‍यक्ति में भविष्य की स्वास्थ्य समस्‍याओं और बीमारी के जोखिमों का ज्यादा सटीक अनुमान लगा सकता है.

विटामिन डी की कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बनता है, जैसे कई उम्र से संबंधित बीमारियों, हृदय रोग, कैंसर और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी) आदि. वहीं सही मात्रा में विटामिन डी का लेवल डिप्रेशन को भी कम कर सकता है. अध्ययन में पता चला है कि शरीर में विटामिन डी की मात्रा पूरी होने से बुजुर्ग अवस्था में होने वाली अन्य प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है. शोधकर्ताओं ने अपनी इस रिसर्च में विटामिन डी के कम लेवल को उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के साथ जोड़ा है.

मेटाबोलाइट्स से किया जाता है विटामिन D का आकलन

विटामिन डी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है और इसका मुख्य स्रोत सूर्य (Sun) की किरणें हैं. शरीर में विटामिन डी के कई रूप या मेटाबोलाइट्स (Metabolites) हैं. इन मेटाबोलाइट्स की कुल मात्रा को अक्सर विटामिन डी का आकलन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. प्रोहार्मोन और 25-डाइहाइड्रॉक्सीविटामिन डी, 125-डाइहाइड्रॉक्सी विटामिन डी में बदल जाता है और इसे हमारे शरीर में विटामिन डी का सक्रिय रूप माना जाता है.

खून में विटामिन डी के मेटाबोलाइट्स का 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा प्रोटीन पर निर्भर करता है, इसलिए इसका केवल एक छोटा हिस्सा जैविक रूप से एक्टिव हो सकता है. इससे पता चलता है कि क्यों कुल लेवल की तुलना में, विटामिन डी के फ्री मेटाबोलाइट्स स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं.

1,970 पुरुषों के डेटा का इस्तेमाल कर किया गया शोध

बेल्जियम के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ल्यूवेन के डॉ. लियोन एंटोनियो (Leon Antonio) और उनकी टीम ने 40 से 79 उम्र के 1,970 पुरुषों के एजिंग स्टडी के डेटा का इस्तेमाल कर यह जानने की कोशिश की कि विटामिन डी के फ्री मेटाबोलाइट्स बेहतर स्वास्थ्य सूचक हैं या नहीं. शोध के तहत विटामिन डी के कुल और फ्री मेटाबोलाइट्स लेवल की तुलना उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के साथ की गई. इसके लिए उन्होंने पुरुषों की उम्र, जीवनशैली और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) को देखते हुए टोटल और फ्री विटामिन डी के लेवल की तुलना की.

टीम ने पाया कि विटामिन डी की कमी सामान्य स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती है और भविष्य में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बारे में भी बताती है. डॉ. एंटोनियो ने कहा कि हमारी रिसर्च से पता चलता है कि पुरुषों में भविष्य में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को जानने के लिए के लिए कुल और फ्री 25-हाइड्रोक्सीविटामिन डी लेवल बेहतर उपाय हैं.

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