मिशन आत्मनिर्भर भारत : अर्जुन देशपांडे करेंगे मोदी का सस्ती दवा का सपना साकार, रतन टाटा का भी मिला साथ

अर्जुन देशपांडे की इस पहल की रतन टाटा ने भी खूब सराहना की है. उन्होंने सिर्फ नैतिक समर्थन ही नहीं दिया बल्कि जेनरिक आधार में आर्थिक निवेश भी किया है

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 6:52 pm, Thu, 24 September 20

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों भारत को आत्मनिर्भर बनाने में लगे हुए हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने कई तरह की नई नीतियों का गठन भी किया है. लेकिन ऐसे में कई लोग हैं जिन्होंने भारत को आत्मनिर्भर बनाने कि तैयारी शुरू भी करदी है. देश को मेडिकल के छेत्र में आगे ले जाने के लिए अर्जुन देशपांडे ने भारत में बनने वाली उच्चतम गुणवत्ता की दवाई सस्ते दाम में हर भारतीय को उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं.

18 साल के अर्जुन की इस कोशिश में उनके साथ देश के बड़े बिजनेसमैन रतन टाटा ने भी उनका साथ दिया है. आपको बता दें, अर्जुन फार्मेसी के छेत्र में एक फार्मेसी चेन की तैयारी में हैं. जहां हर किसी को बहुत ही कम दाम में दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी.

अर्जुन देशपांडे की इस पहल की रतन टाटा ने भी खूब सराहना की है. उन्होंने सिर्फ नैतिक समर्थन ही नहीं दिया बल्कि जेनरिक आधार में आर्थिक निवेश भी किया है. उनका केहना है कि “अर्जुन देशपांडे अपने जेनरिक आधार के माध्यम से सिर्फ रोजगार निर्माण का काम नहीं करते बल्की वह इस देश के नवजवान को व्यावसायिक बनने को प्रेरित भी कर रहे हैं. उसके साथ गरीब लोगों को सस्ती दावाई भी देकर समाज सेवा का काम भी करते हैं. समाजसेवा और व्यवसाय का अनोखा मिलाप उन्होंने इस कम उम्र में कर दिखाया है जो कमला का है.”

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सोलाह साल की आयु में अर्जुन देशपांडे ने सोचा था कि देश के गरीब लोगों को सस्ती दावाई उपलब्ध होनी चाहिए. अपनी इसी संकल्पना को हकीकत में लाने के लिये उन्होंने जेनरिक आधार को जन्म दिया. आज जेनरिक आधार के स्टॅटिस्टिकस के अनुसार भारत में 60% लोग भारी कीमत की वजह से दवाई नहीं खरिद सकते . जबकी 84 से 90 % दवाई भारत में ही बनती हैं जो जेनरिक हैं मगर बड़ी कंपनियां उसे अपना नाम दे के ब्रांड बना देती हैं . ब्रॅण्ड और विज्ञापन की वजह से उसी दवाई की कीमत बढ़ती हैं और अंत में ग्राहक को मेहंगी दवाई खरिदनी पड़ती हैं. जेनरिक आधार ने फार्मा कंपनियों के इसी निती को खत्म किया है. एक एक दवाई की दुकानों को अपना ब्रॅण्ड नेम और ताकत दे कर ऑनलाईन फार्मसी और बड़ी कंपनी की बड़ी दुकांनो के सामने टिकने का मौका दिया है.