महिलाओं से ज्‍यादा पुरुषों को क्‍यों है Coronavirus से खतरा? वजह है ये एन्‍जाइम

ACE2 एन्‍जाइम (Enzyme) कोरोना को शरीर में तेजी से फैलने में मदद करता है. कोरोनावायरस (Coronavirus) इस एन्‍जाइम के जरिए ही पुरुषों में स्वस्थ कोशिकाओं (Cells) को संक्रमित करता है.
Coronavirus from ACE-2 enzyme, महिलाओं से ज्‍यादा पुरुषों को क्‍यों है Coronavirus से खतरा? वजह है ये एन्‍जाइम

इस समय पूरी दुनिया कोरोनावायरस (Coronavirus) का इलाज ढूंढने में लगी है. दुनिया भर के वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन (Vaccine) बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. हाल ही में हुई एक रिसर्च ने भारत समेत पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. एक नए अध्ययन से पता चला है कि पुरुषों में कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा हो सकता है. ऐसा ACE2 नाम के एक खास एन्‍जाइम (Enzyme) की वजह से है.

महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ACE2 एन्‍जाइम की मात्रा ज्यादा

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रकाशन यूरोपियन हार्ट जर्नल (European Heart Journal) में यह दावा किया गया है कि इंसान के शरीर में पाया जाने वाला एक एंजियोटेंसिन कंवर्टिग एन्‍जाइम-2 (ACE2) कोरोना को शरीर में तेजी से फैलने में मदद करता है. कई हजार संक्रमित लोगों पर बड़े पैमाने पर किए गए रिसर्च के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि, महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के खून में ACE2 की मात्रा ज्यादा होती है. कोरोनावायरस इस एन्‍जाइम के जरिए ही पुरुषों में स्वस्थ कोशिकाओं (Cells) को संक्रमित करता है.

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कोशिकाओं की सतह पर पाया जाता है यह एन्‍जाइम

नीदरलैंड्स की ग्रोनिंगन यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधकर्ता एड्रियन वूर्स (Adriaan Voors) ने बताया कि ACE2 एक सिग्नल देने वाला एन्‍जाइम है, जो कोशिकाओं की सतह पर पाया जाता है. नया कोरोनावायरस ACE2 एन्‍जाइम युक्त कोशिकाओं को निशाना बनाता है. ACE2 एन्‍जाइम फेफड़ों में पाया जाता है. स्टडी में इस यह बात भी सामने आई है कि कोरोनावायरस अपने रूप बदल-बदल कर सामने आ सकता है.

ACE2 एन्‍जाइम देता है कोरोनावायरस को ताकत

वूर्स की टीम ने कोरोना महामारी से पहले 11 यूरोपीय देशों के 3,500 हार्ट फेलियर वाले मरीजों के ब्लड सैंपल का अध्ययन किया था. उनकी टीम ने पहले से मौजूद जानकारी में पाया कि इस वायरस से सबसे ज्यादा मौत पुरुषों की हो रही है. वूर्स की स्टडी के मुताबिक, पुरुषों में ACE2 की मात्रा ज्यादा होती है. इसी आधार पर ACE2 को कोरोनावायरस को ताकत देने वाला एन्‍जाइम बताया जा रहा है.

ACBs दवाओं का सेवन करने वालों में इस एन्‍जाइम की मात्रा होती है कम

यूरोपीय हार्ट पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, इंहिबिटर्स या एंजियोटेंसिन रिसेप्टर ब्लाकर्स (ACB) जैसी दवाओं का सेवन करने वाले हृदय रोगियों के रक्त (Blood) में ACE2 की ज्यादा मात्रा नहीं पाई गई. कोरोनावायरस के मरीजों को ACE इनहिबिटर्स और ARB दवाएं दी जा सकती हैं, जो हार्ट फेलियर, डायबिटीज या किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को दी जाती हैं.

रिसर्च में सामने आया है कि जो पुरुष स्मोकिंग करते हैं, उनके फेफड़े कमजोर होते हैं. उनमें संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है. कोरोनावायरस फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी स्मोकिंग करने वालों को कोरोना संक्रमण को लेकर चेतावनी दी है.

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