Chhath 2019: नहाय-खाय के साथ हुई छठ पर्व की शुरुआत, जानें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त

छठ पूजा में सूर्य की उपासना की जाती है. इस मौके पर कठिन व्रत और नियमों का पालन किया जाता है.

दिवाली के बाद प्रकृति-पूजोपासना और लोक-आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत हो चुकी है. छठ बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में मनाया जाने वाला एक लोक-आस्था का त्योहार है, लेकिन पूर्वाचली प्रवासी देश-विदेश में जहां भी निवास करते हैं वे वहां छठ मनाते हैं.

छठ पूजा में सूर्य की उपासना की जाती है. इस मौके पर कठिन व्रत और नियमों का पालन किया जाता है. इस तरह यह प्रकृति पूजा के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और लोकाचार में अनुशासन का भी पर्व है. कार्तिक शुल्क पक्ष की षष्ठी और सप्तमी को दो दिन मनाए जाने वाले इस त्योहार के लिए व्रती महिला चतुर्थी तिथि से ही शुद्धि के विशेष नियमों का पालन करती है.

पंचमी को खरना और षष्ठी को सांध्य-अघ्र्य और सप्तमी को प्रात:अघ्र्य देकर पूजोपासना का समापन होता है. इस बार छठ का नहाय-खाय 31 अक्टूबर को, खरना एक नवंबर को, सांध्य-कालीन अर्ध्य 2 नवंबर को और प्रात: काली अघ्र्य 3 नवंबर को है.

छठ व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त

  • 2 नवंबर, शनिवार – पूजा का दिन
  • षष्ठी तिथि आरंभ – 00:51 बजे, 2 नवंबर, 2019
  • सूर्योदय का शुभ मुहूर्त – 06:33
  • सूर्यास्त का शुभ मुहूर्त – 17:35
  • षष्ठी तिथि समाप्त – 01:31PM, 3 नवंबर, 2019

नहाय खान के साथ आज छठ पर्व की शुरुआत हो चुकी है. इस पर्व के मौके पर लोगों को किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए, इस बारे में आपको बताते हैं.

नहाय-खाय में क्या करना चाहिए?

सुबह-सुबह स्नान करके नए कपड़े पहनें. माथे पर सिंदूर लगाकर पूजा के लिए साफ-शपाई करें.

छठ पूजा के लिए प्रसाद काफी महत्वपूर्ण है. अगर गैस का इस्तेमाल करते हैं तो उसकी अच्छे से सफाई करें या फिर मिट्टी लेकर घर के चूल्हे को लेपें और तब स्वच्छता के साथ प्रसाद और खाना बनाएं.

छठ का व्रत काफी कठिन होता है, पर आज के दिन नमक खा सकते हैं.

व्रत का मुख्य प्रसाद ठेकुआ होता है. चूल्हे पर अच्छे से ठेकुआ बनाएं.

इसके अलावा आज ही पूजा की सारी सामग्री इकट्ठा कर लें ताकि अघ्र्य के दिन आपको किसी समस्या का सामना न करना पड़े.