घर में रहकर भी ठीक हो सकते हैं Corona पेशेंट, RML के सीनियर डॉक्‍टर की ये सलाह ध्‍यान से पढ़ें

हमारे देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के अब तक लगभग दो लाख से ज्यादा केस हो चुके हैं. ऐसे में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच होम आइसोलेशन एक बढ़िया विकल्प है.
corona virus patient, घर में रहकर भी ठीक हो सकते हैं Corona पेशेंट, RML के सीनियर डॉक्‍टर की ये सलाह ध्‍यान से पढ़ें

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से इन दिनों भारत (India) समेत दुनिया (World) के कई देश जूझ रहे हैं. भारत में कोरोना का आंकड़ा 2 लाख के पार पहुंच गया है. वहीं डॉक्टर्स का कहना है कोरोना (COVID-19) संक्रमित मरीज घर में रहकर भी ठीक हो सकता है बशर्ते कि वह फोन पर डॉक्टर की निगरानी में रहे.

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राम मनोहर लोहिया अस्पताल के पल्मोनरी डिपार्टमेंट के HOD डॉक्टर देश दीपक राज का कहना है कि मरीज कोशिश करें कि वो डॉक्टर के बताए रूल के हिसाब से ही घर पर रहें. इसके साथ ही कोरोना पेशेंट को घर पर ये सावधानियां बरतनी चाहिए…

  • किसी सेंटर में जाकर पहले यह दिखलाएं कि उनका कोरोना किस स्तर का है.
  • घर पर सेवा के लिए किसी समर्थ व्यक्ति को रखें.
  • घर पर आइसोलेशन में रहने के दौरान परिवार के किसी सदस्‍य के साथ कोई भी चीज शेयर न करें.
  • कॉमन बाथरूम या टॉयलेट जाने से बचें.
  • अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी नजदीक के डॉक्टर को फोन पर जरूर बताएं.
  • खान पान का विशेष ख्याल रखें.
  • हैंड हाइजीन और एक ही थर्मामीटर का प्रयोग करें.

मानसून के मामले पर

देश में मानसून जनित बीमारियां पहले भी आती रही हैं. इसे लेकर सरकार ने कई तरह के प्रोटोकॉल भी बनाए हैं जिस पर संबंधित एजेंसियां काम भी कर रही हैं. यह सच है कि कोविड के साथ इस तरह कि बीमारयां परेशान कर सकती है.

श्री गंगाराम हॉस्पिटल के वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर एसपी बायत्रा ने कहा कि मानसून के समय कई तरह की बीमारियां होती हैं. इनमें प्रमुख रुप से टायफाइड, मलेरिया, हैजा और इसके साथ पेट संबंधी बीमारियां हैं. इसके साथ ही मच्छरों के काटने से भी कुछ बीमारियां खासतौर पर मानसून में होती है. ऐसे में कोरोना के साथ इन बीमारियों का मिश्रण हो जाए तो यह पूरी तरह से हमारे आपके लिए घातक साबित होगा.

होम आइसोलेशन

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच होम आइसोलेशन एक बढ़िया विकल्प है. हमारे देश में अबतक लगभग दो लाख हो चुके हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसे में यदि सभी को बेड मुहैया कराना संभव नहीं है. इसलिए होम आइसोलेशन एक बढ़िया विकल्प है.

  • लोग अपने घर में कुछ जरुरी मेडिकल समान रखें.
  • ऑक्सीमीटर का उपयोग करें जिससे कि आपके शरीर में आक्सीजन की मात्रा का पता चल सके.
  • घर में अगल टॉयलेट का प्रयोग करें.
  • हैंड गल्ब्स और प्रॉपर हाइजीन का इस्तेमाल करें.
  • संक्रमित व्यक्ति असंक्रमित व्यक्ति से निश्चित दूरी बनाए रखें.

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