Navratri 2020 : क्या आप जानते हैं क्या होता है ‘बैठा गरबा’, जानिए कैसे बदल गया है डांडिया का रंग

कोरोना (Corona) की वजह से इस बार नवरात्रि (Navratri) में गुजरात और महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया नहीं खेला जाएगा. सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के नियमों को ध्यान में रखते हुए कई गतिविधियों पर रोक लगा दी है.

Garba
गरबा

देश भर में कोरोना (Corona) का कहर जारी है. ऐसे स्थिति में कई त्योहारों का मजा भी किरकिरा हो रहा है. कोरोना की वजह से इस बार नवरात्रि में गुजरात और महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया नहीं खेला जाएगा. सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के नियमों को ध्यान में रखते हुए कई गतिविधियों पर रोक लगा दी है.

एएनआई ने गरबा और डांडिया के सदस्यों से गुजरात के अहमदाबाद और महाराष्ट्र के मुंबई के समितियों से बात की है. आखिर कैसे इस साल राज्यों में प्रतिष्ठित प्रथाओं के बिना त्योहार मनाया जाएगा.

कई सालों से अहमदाबाद में नवरात्रि के दौरान गरबा का आयोजन करने वाले हीरा त्रिवेदी ने बताया कि नागर ब्राहमण कमेटी शहर में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए ‘बैठा गरबा’ का आयोजन करेगी.

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 गुजरात में होगा ‘बैठा गरबा’ का आयोजन

उन्होंने कहा, सरकार के नियमों के अनुसार इस बार गरबा (Garba) और डांडिया (Dandaiya) नहीं होगा लेकिन नागर ब्राहमण कम्युनिटी बैठा गरबा का आयोजन करेगी, जिसमें बैठकर गरबा गाया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि हम इस तरह के गरबा में कोई डांस नहीं होगा. हम बस बैठेंगे और दुर्गा माता की भक्ति के गीत गाएंगे. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरा ध्यान रखा जाएगा.

त्रिवेदी ने आगे कहा नवरात्रि (Navratri) में गरबा कैंसिल होने से आर्थिक तौर पर काफी नुकसान हुआ है. गुजराती लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन जरूर करेंगे. हम खुश है कि लोग अपने घरों में कम से कम सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा, गुजराती साल भर इस त्योहार का इंतजार करते है. इस बार महामारी का समय है और इसके लिए हम किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं. इससे आर्गेनाइजर, कर्मचारी और आर्केस्ट्रा के अन्य लोगों संक्रमित हो सकते हैं. कम से कम हम सभी सुरक्षित तो हैं.

 मुबंई में श्रद्धालुओं कर सकेंगे ऑनलाइन दर्शन

मुबंई के बोरीवली में छोटे-छोटे पंडाल लगाए गए है और श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन भी कर सकते हैं ताकि लोगों की ज्यादा भीड़ न हो. विनोद प्रभु शहर में नवरात्रि आयोजन समिति के सदस्य हैं, उन्होंने बताया कि उनकी समिति पारंपरिक तरीके से त्योहार मनाया जा रहा है. साथ ही गरबा और डांडिया का आयोजन नहीं होगा.

श्रद्धालुओं के घर प्रसाद की होम डिलीवरी 

49 वर्षीय आयोजक ने कहा कि कोरोना की वजह से सेलिब्रेशन में थोड़ी छोटी जरूर है लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं है. हम नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करेंगे. उन्होंने कहा इस बार गरबा और डांडिया का कोई प्रोगाम नहीं है. श्रद्धालुओं के लिए छोटे- छोट पंडाल लगाए गए है और सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन दर्शन कर सकते है. उन्होंने आगे कहा कि कमेटी लोगों को प्रसाद उनके घर पर पोस्ट के जरिए डिलीवरी करवा रही है.

विनोद प्रभु ने कहा कि इस समय हम सबकी प्राथमिकता स्वास्थ्य है. हम खुशी है कि लोग अपने घर में सुरक्षित है.

गरबा और डांडिया में हम श्रद्धालुओं को पारंपरिक चन्या चोली में डांस करते हुए देखते हैं. ये नवरात्रे के नौ दिन शाम को किया जाता है और दशहरा के आखिरी दिन खत्म होता है. श्रद्धालु घेरा बनाकर नवरात्रि के दौरान हर शाम को डांस कर सेलिब्रेट करते हैं. इस दौरान कई इंवेट्स में फोक सिंगर भी गाना गाते हैं. हम सभी जानते हैं शारदीय नवरात्रि बुराई पर अच्छाई के प्रतीक मनाया जाता है.

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