जानिए क्या है ‘आइस-थेरेपी’ और यह किन परेशानियों में कारगर है

आइस थेरेपी (Ice Therapy) में बर्फ के टुकड़ों को मोटे कपड़े, तौलिए में डाल कर पोटली या जिप लॉक बैग में रख प्रभावित जगह की सिकाई की जाती है. दरअसल बर्फ होती तो ठंडी है, पर इसकी तासीर गर्म होती है. अपनी इसी खूबी के चलते यह दर्द में आराम पहुंचाती है.
health benefits of Ice therapy, जानिए क्या है ‘आइस-थेरेपी’ और यह किन परेशानियों में कारगर है

बर्फ (Ice) कई तरह के दर्द में भी आराम देती है. अधिकतर हम सिर/जोड़ों/चोट के दर्द से परेशान रहते हैं, नेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति में इस तरह के दर्द का इलाज ‘आइस-थेरेपी (Ice Therapy)’  से किया जाता है. दरअसल बर्फ होती तो ठंडी है, पर इसकी तासीर गर्म होती है. अपनी इसी खूबी के चलते यह कई दर्द और बीमारियों में आराम पहुंचाती है. आइस थेरेपी में बर्फ के टुकड़ों को मोटे कपड़े, तौलिए में डाल कर पोटली या जिप लॉक बैग में रख प्रभावित जगह की सिकाई की जाती है. आइए जानते हैं यह थेरेपी किन परेशानियों में कारगर है.

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*सूजन और दर्द में आराम– चोट लगने पर खून का बहाव बंद करने के लिए अगर बर्फ लगाई जाए तो तुरंत आराम मिलेगा. बर्फ रखने से वहां की नसें ठंडी पड़ जाती हैं, जिससे खून का बहाव बंद हो जाता है. बर्फ लगाने से चोट वाली जगह सुन्न पड़ जाती है, जिससे दर्द भी कम होता है. ज्यादा एक्सरसाइज करने के कारण मांसपेशियों में होने वाले दर्द और सूजन को कम करने में भी आइस-थेरेपी फायदेमंद होती है.

health benefits of Ice therapy, जानिए क्या है ‘आइस-थेरेपी’ और यह किन परेशानियों में कारगर है

*जोड़ों के दर्द में राहत– जोड़ों के दर्द की दिक्कत आजकल हर उम्र में आम हो गई है. आइस थेरेपी के लिए इसमें सिकाई वाली दो हॉट वॉटर बोतल लेकर, एक में गर्म और दूसरे में बर्फ का पानी डालकर, एक बार 3-4 मिनट गर्म फिर ठंडी बोतल से कुछ देर सिकाई करने पर आराम मिलता है.

*बॉडी टेम्परेचर कम करने में सहायक– तेज बुखार होने पर माथे पर पानी की पट्टी की जगह, आइस थेरेपी ज्यादा फायदेमंद होती है. इसमें बर्फ से शरीर के अलग-अलग हिस्सों; नाभि के नीचे, माथे, हथेली और तलवों की सिंकाई की जाती है. बर्फ में शरीर के टॉक्सिन को सोखने की क्षमता होती है, जिससे टेम्परेचर कम होता है.

*सिरदर्द/अनिद्रा के इलाज में फायदेमंद – सिरदर्द होने या नींद न आने की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए ‘कोल्ड एंड हॉट फुट बाथ’ फायदेमंद साबित होता है. इसके लिए दो टब में नॉर्मल या ठंडा पानी लेकर, पहले कुछ सेकंड बर्फ के पानी फिर नॉर्मल पानी में पैर डालकर रखने से आराम मिलता है. सिरदर्द  ज्यादा  होने पर बर्फ से सिर की सिकाई भी की जा सकती है.

*माहवारी के दर्द में राहतपीरियड्स के दौरान कुछ महिलाओं को पेट में बहुत दर्द होता है. ऐसे में पेनकिलर खाने की जगह, आइस बैग से सिकाई करने पर आराम मिलता है.

*फोड़े-फुंसियों से छुटकारा– शरीर पर होने वाले फोड़े पर कोल्ड-हॉट-कोल्ड सिंकाई, यानि कि पहले बर्फीले फिर गर्म फिर बर्फीले पानी से सिकाई करने पर वह आसानी से खत्म हो जाते हैं.

*बर्फ से सिर की सिकाई करने पर दिमाग, नसों में ब्लड फ्लो बेहतर होता है जिससे तनाव, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग भी कम होता है.

सावधानी-
*इन्फेक्शन से बचने के लिए थेरेपी में इस्तेमाल किये जाने वाले बर्फ और कपड़ा, बैग हमेशा साफ रहने चाहिए.
*सर्दी-जुकाम, निमोनिया, ठंड लगने पर आइस थेरेपी नहीं करनी चाहिए.

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