शादी की सोच रहे हैं…तो जीवनसाथी चुनते समय ध्यान रखें ये बातें

शादी एक कमिटमेंट है, जहां शक़्कर और पानी मिलकर शर्बत बन जाते है. जहां से मेरा और तेरा नहीं, अपना जीवन शुरू होता है.
Happy Marriage Life, शादी की सोच रहे हैं…तो जीवनसाथी चुनते समय ध्यान रखें ये बातें

अगर आप शादी करना चाहते हैं और आपको कोई पसंद नहीं आ रहा है या आप नहीं जान पा रहे हैं कि किस तरह के इंसान को जीवनसाथी बनाना चाहिए, तो आज हम बताएंगे कि आप किन खूबियों को देखकर अपने जीवनसाथी का चुनाव कर सकते है.

शादी एक कमिटमेंट है, जहां शक़्कर और पानी मिलकर शर्बत बन जाते है. जहां से मेरा और तेरा नहीं, अपना जीवन शुरू होता है. इसीलिए सवाल यह नहीं होता कि सही जीवन साथी कैसे चुनें,मुद्दा होता है खुशहाल जिंदगी के लिए ये  जानना कि क्या हम में एक अच्छा जीवन साथी बनने के गुण है या फिर नहीं?

सही जीवन साथी का चुनाव करते समय हमें इन बातों का ध्यान हमेशा रखना चाहिए-

प्यार, सम्मान और केयर

शादी का मतलब सिर्फ़ पाना ही नहीं है बल्कि अपने साथी को ज़िंदगी भर प्यार, सम्मान और देखभाल देने के लिए भी ख़ुद को तैयार करना भी है. अगर आप मन से इसके लिए तैयार नहीं है तो जीवन साथी कितना भी अच्छा क्यों न हो रिश्ता चल नहीं पाएगा. इसलिए रिश्ते में प्यार, सम्मान और केयर का होना बेहद जरूरी होता है.

सुंदरता के लिए शादी

अपने जीवन साथी को चुनते समय सुंदरता के साथ-साथ व्यवहार भी अवश्य देखें. जिंदगी सुदंरता से नहीं बल्कि आप दोनों के व्यवहार से ही चलती है. कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होता कि उसमें कमी ना हो अगर ऐसा व्यक्ति ढूंढने के लिए निकलेंगे तो कोई नहीं मिलेगा. इसलिए जीवन साथी को चुनते समय उसका दिल देखें उसका चेहरा नहीं.

जो जैसा है, वैसा रहे

अगर यह सोचकर आप किसी को चुन रहे हैं कि शादी के बाद मैं जीवनसाथी को बदल देंगे तो यह सोच ग़लत है. लोग सोचते है कि हमें ऐसा जीवनसाथी मिलना चाहिए जो बिलकुल हमारे जैसा हो. जब तक हम ये सोचते रहेंगे कि हमें बिल्कुल अपने ख्यालों जैसा अपनी सोच जैसा इंसान चाहिए तब तक हम एक अच्छा जीवनसाथी नहीं ढूंढ पाएंगे इसलिए जरूरी है कि जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें.

समस्याओं को सुलझाने में माहिर

शादीशुदा ज़िंदगी तभी अच्छी हो सकती है, जब जीवनसाथी के अंदर समस्याओं का समाधान करने का कौशल हो, जिससे वो आई समस्या का समाधान आसानी से कर सके.

नोबडी इज परफेक्ट

याद रखें कि दुनिया में कोई भी परफ़ेक्ट नहीं होता है हर व्यक्ति में कुछ न कुछ ख़ामियां होती हैं, आप में भी होंगी. परंतु दोनों को एक दूसरे को अच्छाइयों और बुराइयों के साथ स्वीकार करना होता है क्योंकि अगर आप परफ़ेक्ट के चक्कर में रहेंगे तो जीवन भर कुंवारे रह जाएंगे.

जीवन को महत्व दें

कई बार रिश्ता तय होने के बाद लड़का या लड़की के परिवार वालों को यह लगता है कि ये रिश्ता सही नहीं है परंतु वे इस बात पर बात नहीं कर पाते क्योंकि अब तय हो चुकी है. अगर रिश्ता तोड़ेंगे तो बदनामी होगी. ऐसा न सोचे कि लोग क्या कहेंगे, उसके बजाय एक ग़लत लोगों से रिश्ता न जोड़ना सही है. ज़िंदगी भर दुखी रहने के बजाय या तलाक लेने की तुलना में ये करना ज़्यादा आसान है.

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