Lockdown हटने के बाद भी रहेगा Coronavirus का डर, इनको आजमाने से ही बचेगी जान

कोरोनावायरस (Coronavirus) एक RNA वायरस है. ये जल्दी से म्यूटेट यानी रुप बदल लेता है. देखा जाए तो सार्स (SARS) और स्पेनिश फ्लू (Spanish flu) का खतरा ज्यादा था. उसमें मृत्यु दर भी ज्यादा थी.
Precautions to avoid coronavirus, Lockdown हटने के बाद भी रहेगा Coronavirus का डर, इनको आजमाने से ही बचेगी जान

कोरोनावायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए दुनियाभर में लगभग 100 तरह की वैक्सीन पर काम चल रहा है. लेकिन वैक्सीन (Corona Vaccine) कब तक तैयार होगी, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता. डेंगू और मलेरिया की वैक्सीन के लिए पिछले कई सालों से प्रयास जारी है. अभी तक का सबसे जल्दी तैयार होने वाली वैक्सीन को बनने में 4 साल का समय लग गया है.

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ज्यादातर वैक्सीन को बाजार तक पहुंचने में 5 से 15 साल का समय लग जाता है. ऐसे में कोरोना वैक्सीन के जल्दी से आने की उम्मीद करना बेमानी होगी. वहीं, कोरोना वैक्सीन के आने तक हाथ पर हाथ धरे बैठा भी नहीं जा सकता है.

लॉकडाउन हटने के बाद भी करते रहनी है यह तपस्या

हमें वायरस से लड़ने का सही तरीका अपनाना होगा. उसके लिए हर समय मास्क (Mask) लगाएं, बार-बार सैनिटाइजर (Sanitizer) या साबुन से हाथ साफ करें, जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले, भीड़भाड़ वाली जगहों में जाने से बचें, सोशल दूरी अपनाएं आदि. हमें ये सब करना होगा और ऐसा लॉकडाउन (Lockdown) हटने के 6-7 महीने बाद या इससे भी ज्यादा समय तक करते रहना होगा. यह एक तरह की तपस्या है, जो हम सभी को करनी है.

जल्दी-जल्दी रूप बदलता है कोरोनावायरस

दरअसल, कोरोनावायरस एक RNA वायरस है. ये जल्दी से म्यूटेट यानी रुप बदल लेता है. आमतौर पर देखा गया है कि शुरू में इसके ज्यादा गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं. लेकिन जैसे-जैसे संक्रमण फैलने लगता है, वैसे-वैसे इसका असर घटने लगता है. इसमें फैलने की ताकत तो बढ़ती है, लेकिन लोगों की जान का जोखिम कम हो जाता है. इस तरह के वायरस की गंभीरता धीरे-धीरे घटती है, लेकिन यह तेजी से फैलता है.

कई मरीजों में नहीं दिखते संक्रमण के लक्षण

अगर देखा जाए तो सार्स (SARS) और स्पेनिश फ्लू (Spanish flu) का खतरा ज्यादा था. उसमें मृत्युदर भी ज्यादा थी, क्योंकि उनके लक्षण फैलने के पहले ही दिख जाते थे. उनकी तुलना में Covid-19 कम गंभीर वायरस है. लेकिन इसके कई मरीजों में यह पता नहीं होता कि वे इससे संक्रमित भी है. उनसे भी दूसरों में यह फैल सकता है. यही वजह है कि कोरोनावायरस तेजी से फैल रहा है.

वायरस का असर कम होने के लिए जरूरी हैं यह तीन बातें

वायरस का असर तीन तरीकों से कम हो सकता है. पहला, वायरस इतना म्यूटेट हो जाए, जिससे उसकी फैलने की क्षमता खत्म हो जाए. दूसरा, वैक्सीन आ जाए जिससे वायरस को फैलने से रोका जा सके. और तीसरा, वातावरण में ऐसे बदलाव हो जाएं ताकि यह फैले ही नहीं. अगर ये तीनों नहीं होते तो वायरस धीरे-धीरे फैलता रहेगा. 60-70 प्रतिशत आबादी में फैलने पर हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity) विकसित होती है. तब भी असर घटने लगेगा लेकिन इसमें काफी समय लगेगा.

इन आदतों को अपना लेने से बचा जा सकता है कोरोना से

लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी अपनी आदतों में बदलाव लाकर कोरोना से लड़ा और बचा जा सकता है. जैसे हर छोटी चीज के लिए बाजार न जाएं, एक बार में ही ज्यादा चीजें खरीद लें, भीडभाड़ वाली जगहों में जाने से बचें, बिना मास्क के बाहर न निकलें, बाहर से घर आने पर कपड़े धो लें, जो काम ऑनलाइन हो सकते हैं उसे ऑनलाइन ही कर लें. खानपान में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें. अभी शुरू के कुछ दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल में सावधानी बरतें.

खैर, हमें बेवजह ही कोरोना से इतना डरने की जरूरत नहीं है, केवल सावधानी बरतने की जरूरत है. कोरोना से संक्रमित काफी मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं.

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