जानिए कितना फायदेमंद और कितना नुकसानदायक है देशी घी

घी (Ghee) का रंग, टेक्सचर और टेस्ट मक्खन की क्वालिटी, मिल्क सोर्स और बनाने में लगने वाले समय पर डिपेंड करता है. कई लोग जहां इसे बहुत फायदेमंद मानते हैं तो कई नुकसानदायक.
desi ghee in daily diet, जानिए कितना फायदेमंद और कितना नुकसानदायक है देशी घी

देशी घी वसायुक्त पदार्थ (Fatty Element) है, जो गाय, भैंस के दूध से बनाया जाता है. दूध से पहले मक्खन, फिर मक्खन को लंबे समय तक पकाकर घी बनाते हैं. इसका रंग, टेक्सचर और टेस्ट मक्खन की क्वालिटी, मिल्क सोर्स और बनाने में लगने वाले समय पर डिपेंड करता है. वेट कंट्रोल की चाह रखने वाले जहाँ इससे बचना चाहते हैं तो दादी-नानी लगभग हर खाने में इसे मिलाना चाहती हैं. कई लोग जहां इसे बहुत फायदेमंद मानते हैं तो कई इसे नुकसानदायक, आइए जानें इसके फायदे और नुकसान.

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घी खाने के फायदे-
*स्मोकिंग पॉइंट ज्यादा (500 डिग्री फॉरेनहाइट) होने के कारण इसे तलने में इस्तेमाल कर सकते हैं. स्मोकिंग पॉइंट वह टेंपरेचर होता है जिस पर तेल, घी धुएं में बदलने लगते हैं.
*फ्री रेडिकल्स कम होने के कारण यह उन सेल्स को ख़राब होने से बचाते हैं जोकि कैंसर की रोकथाम करते हैं.
*आयुर्वेद के अनुसार घी शरीर के अंदर गर्मी बनाए रखता है, जिस कारण ठंड में इसका इस्तेमाल फायदेमंद है.
*घी खाने का Glycemic Index कम करता है जिस कारण खून में शुगर रिलीज़ होने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है.
*इसमें गुड फैट पाया जाता है जिस कारण यह वेट कंट्रोल में मददगार.  इसमें CLA (Conjugated Linolic Acid)  पाया जाता है जोकि फैट सेल्स का साइज़ कम करता है.
*इसमें Butyric Acid  पाए जाने के कारण यह आंतों की दीवार को मजबूत करता है. यह एसिड त्वचा की जलन और सूजन को कम करता है. हमारा शरीर फाइबर को Butyric Acid में बदलता है ताकि पचाने में आसानी हो.

desi ghee in daily diet, जानिए कितना फायदेमंद और कितना नुकसानदायक है देशी घी
*घी आंखों की रोशनी बढ़ाता है.
*कब्ज दूर करने में सहायक.
*यह गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिस कारण यह दिल के लिए बहुत फायदेमंद होता है.
*गाय के दूध से बने शुद्ध घी से स्किन,बालों को नमी और चमक मिलती है.
*यह विटामिन ई/के, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा सोर्स है. इसके कारण यह एनर्जी का भी अच्छा सोर्स है.
*घी फैट का सबसे प्योर फॉर्म होता है जिसमें मिल्क सॉलिड और दूसरी गंदगियां नहीं होती इस कारण यह लैक्टोस फ्री होता है. यह किसी भी उम्र, बॉडी टाइप के लोगों को सूट करता है.
*पॉलीअनसैटुरेटेड फैट से भरा होने के कारण यह मेमोरी और ब्रेन के फंक्शन को बढ़ाने में मदद करता है.

घी खाने के नुकसान-
*सैटुरेटेड फैट और कैलोरी की अधिकता के कारण यह वजन बढ़ाता है, लेकिन लिमिटेड मात्रा में शुद्ध गाय का घी खाने से वेट कंट्रोल में रहता है.
*फैट ज्यादा होने के कारण यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ाता है.
*प्रेग्नेंट महिलाओं को प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में घी कम खाना चाहिए क्योंकि इससे वजन बढ़ता है.
*घी अधिक खाने से अपच और डायरिया हो सकता है.
*जॉन्डिस रोग होने पर घी का सेवन नहीं करना चाहिए.
*कफ की प्रॉब्लम होने पर घी खाने से कफ अधिक बनता है.

घी के बाहरी इस्तेमाल

*घी की कुछ बूंदे रोज़ नाक में डालने पर चेहरा, आंखें, बाल, कान गले और बालों को पोषण मिलता है.

* नाभि पर रोज़ घी से मसाज करने पर जॉइंट मजबूत होते हैं, इम्युनिटी बढ़ती है, डाइजेशन मजबूत होता है और मुहांसे निकलना कम होते हैं.

घी सेवन में सावधानियां

*घी से बनी मिठाइयां ज्यादा नहीं खानी चाहिए, मीठा ज्यादा होने के कारण इससे मोटापा बढ़ता है.

*घी को दही या उससे बने किसी फ़ूड आइटम के साथ नहीं खाना चाहिए.

*घी और शहद को मिलाकर खाने से यह ज़हरीला हो जाता है.

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