आजाद भारत के हर चुनाव में शामिल रहे आडवाणी ने पहली बार आम नागरिक की तरह डाला वोट

लालकृष्ण आडवाणी अहमदाबाद के एक स्कूल में बने मतदान गृह में वोट डालने पहुंचे. वहां लोग उनका फोटो खींच रहे थे. वो भावुक दिख रहे थे.

लालकृष्ण आडवाणी अहमदाबाद के शाहपुर स्कूल में बने मतदान केंद्र में वोट डालने पहुंचे. वहां से उनकी जो तस्वीरें आईं उनमें वो भावुक दिख रहे हैं. 91 साल के आडवाणी बहुत लंबा राजनैतिक जीवन बिताने के बाद पहली बार आम नागरिक की तरह वोट डालने पहुंचे थे. 1991 में यहीं गांधीनगर से चुनकर आडवाणी संसद पहुंचे थे. उसके बाद इस सीट से 6 बार जीते. लेकिन इस बार बीजेपी ने आडवाणी से बिना पूछे टिकट काटकर अमित शाह को वहां से टिकट दे दिया.

साल 1990 में लालकृष्ण आडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर बनवाने के लिए रथयात्रा निकाली. रथयात्रा निकालकर उग्र हिंदुत्व के रास्ते बीजेपी की लगातार सीटें बढ़ाने वाले आडवाणी ने अटल के साथ मिलकर पार्टी की किस्मत बदल दी थी. 1991 में पहली बार बीजेपी सीटों का सैकड़ा पार करने में कामयाब हुई. मंदिर तो अभी तक नहीं बना लेकिन बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बनाने में उस रथयात्रा का बड़ा हाथ रहा.

1996 का साल आडवाणी के लिए मुश्किलों भरा रहा. उनका नाम हवाला स्कैंडल में आया. आडवाणी ने फैसला किया कि जब तक वो इस आरोप से बरी नहीं हो जाते, चुनाव नहीं लड़ेंगे. तब अटल बिहारी वाजपेयी ने दो जगहों से लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया. लखनऊ और अब तक आडवाणी की सीट रही गांधीनगर से. दोनों जगहों से वाजपेयी जीते लेकिन गांधीनगर की सीट छोड़ दी. 1998 में आडवाणी यहां से फिर सांसद हुए.

अपनी आत्मकथा ‘माई कंट्री-माई लाइफ’ में आडवाणी लिखते हैं कि मैं आजाद भारत के हर चुनाव से किसी न किसी तरह जुड़ा रहा हूं. 1952 में प्रचारक रहा. उसके बाद हर चुनाव में या तो प्रचार किया या खुद चुनाव लड़ा. इस तरह आडवाणी के राजनैतिक जीवन का अंत उसी दिन हो गया था जब उनका टिकट कट गया. स्टार प्रचारकों की सूची से भी नाम कट गया.

अमित शाह क्यों?

अमित शाह आजकल बीजेपी के चाणक्य कहे जाते हैं. ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं कि दोनों की हेयर स्टाइल सेम है. विरोधी आडवाणी से सहानुभूति जताते हुए कहते हैं कि अमित शाह ने उनकी सीट हड़प ली. असल में अमित शाह ने बैक एंड से काफी मेहनत की है. 1996 से गांधीनगर सीट के संयोजक रहे हैं. उनकी मेहनत का फल मिला है. लेकिन आडवाणी की मेहनत कम नहीं रही है. इसलिए अभी उनका भावुक होना बनता है.

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