पहली बार मायावती ने हाथी छोड़कर साइकिल को वोट दिया

पांचवें चरण की वोटिंग दिलचस्प है. सीटों, प्रत्याशियों के लिहाज से ही नहीं, गठबंधन के लिहाज से भी. इसी की वजह से तो लखनऊ में उन्होंने वोट दिया तो साइकिल को.

लोकसभा चुनाव 2019 के मतदान का पांचवां चरण. 7 राज्यों की 51 सीटों पर मतदान हो रहा है. इनमें कई वीआईपी सीटें हैं. जिस सीट की सबसे ज्यादा बात हो रही है वो है लखनऊ. आदिकाल(अटल काल) से ही बीजेपी का गढ़ रही इस सीट पर माहौल दिलचस्प है. सुबह सवेरे मायावती पोलिंग बूथ पर वोट डालकर आईं. पूरे राजनैतिक जीवन में बसपा को मजबूत करने वाली मायावती समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी पूनम सिन्हा को वोट देकर आईं.

वोट सबका गुप्त ही रहता है लेकिन नेता अपनी पार्टी को वोट नहीं देंगे तो किसे देंगे? मायावती का हाथी पर बटन न दबाकर साइकिल पर बटन दबाना कोई सस्पेंस नहीं है. दोनों पार्टियां गठबंधन में हैं. बसपा ने लखनऊ की सीट सपा के लिए छोड़ी. सपा ने शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को टिकट दिया. गठबंधन को जिताने के लिए मायावती ने पूनम सिन्हा को वोट दिया होगा. इतनी सी बात है.

Mayawati, पहली बार मायावती ने हाथी छोड़कर साइकिल को वोट दिया

इसके पहले बसपा-सपा गठबंधन 1993 के दौरान था, जब वोटिंग हुई थी. 1992 में मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की नींव रखी थी. पार्टी की स्थापना के अगले ही साल बीजेपी के खिलाफ खड़े होने के लिए मायावती के साथ गठबंधन किया. विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार भी बनाई. 1995 में गेस्ट हाउस हुआ. गठबंधन टूट गया. मायावती ने सरकार के नीचे से कुर्सी खिसका दी. 1996 में फिर चुनाव हुए.

इस बार फिर सब उलट पलट हो गया. बीजेपी को हराने के लिए मतभेद भुलाकर बसपा-सपा वापस गठबंधन में आ गईं. पहली बार मायावती समाजवादी पार्टी के निशान वाला बटन दबा रही हैं. लखनऊ की महिमा इस बार इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि सपा से पार्टी में नई शामिल हुई पूनम सिन्हा हैं. जिनके पति शत्रुघ्न सिन्हा हैं, जो खुद कांग्रेस के टिकट पर पटना से चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने लखनऊ में अपनी ही पार्टी के खिलाफ प्रचार किया था.

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