रायबरेली बचाने में कामयाब रहीं सोनिया गांधी, एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीतीं

रायबरेली में सोनिया गांधी के खिलाफ बीजेपी से दिनेश प्रताप सिंह खड़े थे. जो पहले सोनिया के सहयोगी रह चुके हैं.

वीवीआईपी सीट मानी जाने वाली रायबरेली में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष जीत गई हैं. उनकी जीत का अंतर एक लाख से ज्यादा वोटों का रहा है. मुकाबले में सोनिया के ही बहुत समय तक खास रहे दिनेश प्रताप सिंह इस बार बीजेपी से खड़े थे. कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव की हार स्वीकार कर ली है.

रायबरेली से सोनिया गांधी ने लगातार पांचवीं बार जीत हासिल की है. 2004 में ये जीत का सिलसिला शुरू हुआ था. 2006 में उपचुनाव जीता था. 2014 में रिकॉर्ड वोटों से जीत दर्ज की थी, जीत का अंतर 3 लाख 52 हजार 713 वोटों का रहा था.

इस बार खास ये भी रहा कि सोनिया गांधी ने खुद अपने क्षेत्र में बहुत कम प्रचार किया. 11 अप्रैल को नामांकन भरने पर परिवार के साथ पूजा पाठ किया था. 22 अप्रैल को उत्तर प्रदेश का दौरा किया तो प्रियंका गांधी भी साथ थीं. अमेठी और रायबरेली का चुनाव कांग्रेस की नाक का सवाल था, जिसमें अमेठी की सीट कांग्रेस हार चुकी है.