कोई भी दल महंगाई और भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर मुद्दा नहीं बना पाया: मोदी

लोकसभा चुनाव 2019 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया.
election results, कोई भी दल महंगाई और भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर मुद्दा नहीं बना पाया: मोदी

‘अबकी बार तीन सौ पार,’ नरेंद्र मोदी का ये आह्वान कामयाब रहा. बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 में 300 से ज्यादा सीटें हासिल कीं. 23 मई, मतगणना के दिन की शाम मोदी बीजेपी ऑफिस में जनसभा को संबोधित करने सामने आए. वहां जो भाषण दिया उसमें ये 10 बातें विशेष रहीं.

1. ये जो मतदान का आंकड़ा है ये अपने आप में लोकतांत्रिक विश्व के इतिहास की सबसे बड़ी घटना है. देश आजाद हुआ इतने लोकसभा के चुनाव हुए, लेकिन आजादी के बाद इतने चुनाव होने के बाद सबसे अधिक मतदान इस चुनाव में हुआ है.

2. जो उम्मीदवार विजयी हुए हैं, उन सभी को मैं ह्रदयपूर्वक बधाई देता हूं. वो किसी भी दल से आए हों, लेकिन देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए कंधे से कंधा मिलाकर ये सभी विजयी उम्मीदवार देश की सेवा करेंगे, इस विश्वास के साथ मैं उन्हें शुभकामना देता हूं.

3. भाजपा की एक विशेषता है कि हम कभी दो भी हो गए, लेकिन हम कभी अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए. आदर्शों को ओझल नहीं होने दिया. न रुके, न झुके, न थके. कभी हम दो हो गए, तो भी और आज दोबारा आ गए. दो से दोबारा होने की यात्रा में कई उतार चढ़ाव आए.

4. ये 21वीं सदी है, ये नया भारत है। ये चुनाव की विजय मोदी की विजय नहीं है. ये देश में ईमानदारी के लिए तड़पते हुए नागरिक की आशा-आकांक्षा की विजय है. यह 21वीं सदी के सपनों को लेकर चल पड़े नौजवान की विजय है.

5. ये विजय आत्मसम्मान, आत्मगौरव के साथ एक शौचालय के लिए तड़पती हुई उस मां की विजय है. ये विजय उस बीमार व्यक्ति की है जो 4-5 साल से पैसों कमी की वजह से अपना उपचार नहीं करवा पा रहा था और आज उसका उपचार हो रहा है। ये उसके आशीर्वाद की विजय है.

6. ये विजय देश के उन किसानों की है, जो पसीना बहाकर राष्ट्र का पेट भरने के लिए अपने को परेशान करता रहता है. ये उन 40 करोड़ असंगठित मजदूरों की विजय है, जिन्हें पेंशन योजना लागू करके सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है.

7. इस चुनाव में एक भी राजनीति दल सेकुलरिज्म का नकाब पहनकर देश को गुमराह नहीं कर पाया. ये चुनाव ऐसा है, जहां महंगाई को एक भी विरोधी दल मुद्दा नहीं बना पाया. ये चुनाव ऐसा है जिसमें कोई भी दल हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उसे मुद्दे नहीं बना पाया.

8. भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए देश की एकता और अखंडता के लिए जनता ने इस चुनाव में एक नया नैरेटिव देश के सामने रख दिया है. सारे समाजशास्त्रियों को अपनी पुरानी सोच पर पुनर्विचार करने के लिए देश के गरीब से गरीब व्यक्ति ने मजबूर कर दिया है.

9. अब देश में सिर्फ दो जाति ही रहने वाली हैं और देश इन दो जातियों पर ही केंद्रित होने वाला है. 21वीं सदी में भारत में एक जाति है- गरीब. दूसरी जाति है- देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिए कुछ न कुछ योगदान देने वालों की.

10. चुनावों के बीच क्या हुआ, मेरे लिए वो बात बीत चुकी है. हमें सबको साथ लेकर चलना है. घोर विरोधियों को भी देशहित में उन्हें साथ लेकर चलना है. इस प्रचंड बहुमत के बाद भी नम्रता के साथ लोकतंत्र की मर्यादाओं के बीच चलना है. संविधान हमारा सुप्रीम है, उसी के अनुसार हमें चलना है.

Related Posts