ये है वो सीट, जिसका 23 मई को नहीं आएगा नतीजा

30 मार्च को ये लोकसभा सीट अचानक खबरों में आ गई थी.

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा पहला बार हुआ है. तमिलनाडु की वेल्लोर सीट का चुनावी नतीजा लोग नहीं जान पाएंगे क्योंकि वहां का चुनाव रद्द कर दिया गया था. देश में कुल 543 लोकसभा सीटें हैं. इस बार 542 सीटों पर चुनाव हुआ है.

क्यों रद्द हुआ चुनाव

डीएमके में कोषाध्यक्ष दुरईमुर्गन के बेटे कथिर आनंद वेल्लोर सीट से प्रत्याशी थे. 30 मार्च को स्थानीय प्रशासन की शिकायत पर एक्शन लेते हुए आयकर विभाग ने दुरईमुर्गन के घर पर छापा मारा. अगले दिन डीएमके के एक और बड़े पदाधिकारी दामोदरन के सीमेंट गोदाम पर छापा मारा. इस छापेमारी में विभाग को 11 करोड़ रुपए का कैश बरामद किया गया. 8 अप्रैल को चुनाव आयोग ने डीएमके प्रत्याशी कथिर आनंद और उनके दो खास लोगों, सीमेंट गोदाम के मालिक दामोदरन और पूनजोलई श्रीनिवासन के खिलाफ केस दर्ज कराया.

Vellore, ये है वो सीट, जिसका 23 मई को नहीं आएगा नतीजा

मुकदमे में दावा किया गया कि पैसा श्रीनिवासन का है, ये उसने कुबूल कर लिया है. ये भी मान लिया है कि ये पैसा वोटर्स के बीच बांटने के लिए था. 14 अप्रैल को चुनाव आयोग ने यहां चुनाव रद्द करने की सिफारिश की और 16 अप्रैल को राष्ट्रपति के आदेश के बाद चुनाव रद्द हो गया. चुनाव रद्द किए जाने के बाद काफी विवाद हुआ. कथिर आनंद ने चुनाव आयोग को नोटिस भेजा कि वेल्लोर में चुनाव कराया जाए नहीं तो लीगल एक्शन लिया जाएगा.

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तमिलनाडु में ‘कैश फॉर वोट’ का फैशन

तमिलनाडु में कैश फॉर वोट का फैशन पुराना है. इस चुनाव में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा बरामद किए गए जिसमें 205 करोड़ कैश था. 2016 के विधानसभा चुनाव में भी नोट बंटने के कारण तंजावुर और अरावकिरुची के चुनाव रद्द हुए थे. लेकिन किसी लोकसभा चुनाव में किसी सीट का चुनाव नोट मिलने के कारण रद्द किया गया है.