तेज बहादुर की आखिरी उम्मीद खत्म, नहीं लड़ पाएंगे PM मोदी के खिलाफ चुनाव

चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ तेज बहादुर यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

नई दिल्ली: बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव पीएम मोदी के खिलाफ बनारस से चुनाव लड़ने वाले थे. चुनाव आयोग ने उनका नामांकन रद्द कर दिया था. जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी.

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने वो याचिका ये कहकर खारिज कर दी कि इसमें कोई मैरिट नहीं है. इससे महागठबंधन की मोदी को टक्कर देने वाली योजना को झटका लगा है.

समाजवादी पार्टी ने देर में किया सपोर्ट
तेज बहादुर यादव ने मोदी के खिलाफ लड़ने के लिए निर्दलीय नामांकन भरा था. उस वक्त समाजवादी पार्टी ने शालिनी यादव को टिकट दिया था. बाद में शालिनी को हटाकर तेज बहादुर को टिकट दे दिया. तेज बहादुर यादव ने दोबारा नामांकन भरा था. एक मई को चुनाव आयोग ने नामांकन रद्द कर दिया क्योंकि नामांकन पत्र में गड़बड़ी पाई गई थी.
चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ तेज बहादुर यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. 8 मई को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से इस याचिका के हर प्वाइंट पर गौर करके 9 मई को जवाब देने को कहा गया था.
निर्वाचन आयोग की तरफ से राकेश द्विवेदी ने अपना पक्ष रखा और पुराने फैसलों का हवाला दिया. सुप्रीम कोर्ट ने बनारस चुनाव आयोग के फैसले को सही माना और तेज बहादुर यादव की याचिका को खारिज कर दिया.