‘कमजोर उम्‍मीदवार कोई नहीं उतारता’, प्रियंका के वोटकटवा वाले बयान पर अखिलेश का पलटवार

अखिलेश ने प्रधानमंत्री पद पर मुलायम की दावेदारी को लेकर शंका जताई. आजम खां के बयानों का बचाव भी.

नई दिल्‍ली: समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री पद पर पिता मुलायम सिंह यादव को दावेदारी से ‘बाहर’ बताया है. ANI से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि “हमारा गठबंधन (सपा-बसपा-रालोद) भारत को एक नया पीएम देना चाहता है. जब आखिरी आंकड़े आ जाएंगे तो पार्टी पीएम के बारे में तय करेगी. नेताजी को सम्‍मान (पीएम पद) मिलता है तो अच्‍छा होगा पर मुझे लगता है कि शायद वह (मुलायम) प्रधानमंत्री पद की रेस में नहीं हैं.

अखिलेश ने प्रियंका गांधी के ‘वोटकटवा’ वाले बयान का भी जवाब दिया. उन्‍होंने कहा कि “मैं ऐसी बातों पर यकीन नहीं कर सकता कि कांग्रेस ने कोई ऐसा कैंडिडेट दिया हो जो कमजोर हो. कोई राजनैतिक पार्टी कमजोर कैंडिडेट नहीं खड़ा करती. आज जनता उनके साथ नहीं है, इसलिए यह बहाना ढूंढा जा रहा है कि हमने कमजोर कैंडिडेट दिया है.”

गठबंधन पर भरोसा जताते हुए अखिलेश ने कहा कि वह यूपी में सबसे ज्‍यादा सीटें जीतेंगे. उन्‍होंने कहा, “ये (गठबंधन) भी वजह है कि बीजेपी नेता आजकल अपनी रैलियों में विकास पर बात नहीं करते और लोगों का ध्‍यान भटकाते हैं. कई राज्‍यों में गठबंधनों के पास विकल्‍प हैं मगर बीजेपी के पास कोई दूसरा नेता नहीं है.”

‘पहले डिंपल जीत तो जाएं’

उन्‍होंने कहा, “मैं लोकसभा में सपा सांसदों की संख्‍या बढ़ाना चाहता हूं. मैं उन लोगों में शामिल होना चाहता हूं जो नया प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं. मैं नई सरकार बनने में यूपी का सहयोग चाहता हूं.” केंद्र में गैर-बीजेपी सरकार बनने पर डिंपल यादव की भूमिका को लेकर अखिलेश ने कहा, “पहले तो हम उन्‍हें अच्‍छे अंतर से जीतते देखना चाहते हैं क्‍योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और डीजीपी यह तय करने में लगे हैं कि वो हार जाएं.

सपा नेता आजम खां के बीजेपी नेता जया प्रदा को लेकर बयानबाजी का बचाव करते हुए पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव ने कहा, “वो सीधा बोलते हैं. कभी-कभी उनकी ठीक बातें भी गलत तरीके से देखी जाती हैं. वो नेताजी के जितने ही मेरे करीब हैं.”

अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के दावे कि ‘सपा और बसपा को बीजेपी कंट्रोल करती है’ पर कहा कि, “हमें कोई कंट्रोल नहीं करता. हम राजनैतिक दल हैं. यह यूपी में सपा, बसपा और आरएलडी का गठबंधन है जो सत्‍ताधारी पार्टी को झटका देने जा रहा है. हमारा गठबंधन बीजेपी की खराब नीतियों को रोकेगा.

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