600 थियटर आर्टिस्ट्स ने लोगों से की बीजेपी के खिलाफ वोट देने की अपील!

बीजेपी के खिलाफ वोट करने की अपील वाले इस लेटर पर अमोल पालेकर, अरुंधति नाग, अस्ताद देबू, अर्शिया सत्तार, दानिश हुसैन, गिरीश कर्नाड, नसीरुद्दीन शाह, एम.के. रैना जैसे कलाकारों ने साइन किए हैं.

मुंबई: पूरे देश के 600 से ज्यादा थियेटर आर्टिस्ट्स ने मतदाताओं से बराबरी और सामाजिक न्याय के लिए वोट देने और अंधेरगर्द और बर्बर ताकतों को हराने के लिए एक लेटर के जरिए लोगों से आग्रह किया. अपने एक संयुक्त बयान में इन थियेटर आर्टिस्ट्स ने लोगों से ‘संविधान और धर्म-निरपेक्ष ताने-बाने की रक्षा’ के लिए वोट देने की अपील भी की.

इस लेटर में अमोल पालेकर, अरुंधति नाग, अस्ताद देबू, अर्शिया सत्तार, दानिश हुसैन, गिरीश कर्नाड, नसीरुद्दीन शाह, एम.के. रैना जैसे कलाकारों ने साइन किए हैं.

थियेटर आर्टिस्ट्स ने अपने बयान में कहा, “आज, ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ खतरे में है. आज संगीत, नृत्य, हंसी खतरे में हैं. आज हमारा संविधान खतरे में है. जिस संस्थान में बहस न हो, तर्क न हो और असहमति न हो, उसका दम घुट जाता है. हमारी अपील है कि घृणा, नफरत के खिलाफ वोट दें. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और इसकी रैलियों के खिलाफ वोट दें. धर्म-निरपेक्ष लोकतंत्र और समावेशी भारत के लिए वोट दें. समझदारी से वोट दें.”

उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी पांच साल पहले सत्ता में इस वादे के साथ आई थी कि विकास होगा, लेकिन इन्होंने हिदुत्व के गुंडों को खुली छूट दी ताकि वे नफरत और हिंसा की राजनीति कर सकें. वहीं बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए इस लेटर में कहा गया है कि उन्होंने अपनी सरकार की नीतियों के जरिए कई लोगों के जीवन को बर्बाद किया है और वे अपने किए गए वादों में भी विफल रहे. उन्होंने वादा किया कि वे काला धन वापस लेकर आएंगे, बावजद इसके लोग देश को लूटकर भाग खड़े हुए. अमीरों का धन तेजी से बढ़ा है जबकि गरीब और गरीब होता चला गया.

इस लेटर के जरिए थियेटर आर्टिस्ट्स ने कहा, “हम अपने साथी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे प्रेम और करुणा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए वोट करें और अंधेरे और बर्बर शक्तियों को परास्त करें.”

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