हिंदू टेरर के नाम पर बनाया गया फर्जी केस, प्रज्ञा ठाकुर के समर्थन में उतरे अमित शाह

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि नारदा, शारदा और सिंडिकेट राज ने बंगाल के अंदर भष्टाचार का माहौल खड़ा किया है. जिससे बंगाल की जनता त्रस्त है.

कोलकाता: 2019 के आम चुनाव के पहले दो चरण का मतदान पूरा हो गया है. तीसरे चरण का मतदान कल होगा. देशभर से जो सूचनाएं प्राप्त हो रही उसके अनुसार देश की जनता पूरे उत्साह से मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए उत्सुक है. ये कहना है बीजेपी के राष्ट्राध्यक्ष अमित शाह का.

कोलकाता में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर का समर्थन करते हुए अमित शाह ने कहा कि जहां तक साध्वी प्रज्ञा का सवाल है तो कहना चाहूंगा कि हिंदू टेरर के नाम से एक फर्जी केस बनाना गया था, दुनिया में देश की संस्कृति को बदनाम किया गया, कोर्ट में केस चला तो इसे फर्जी पाया गया. सवाल ये है कि स्वामी असीमानंद जी और बाकी लोगों को आरोपी बनाकर फर्जी केस बनाया तो, समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट करने वाले लोग कहां है, जो लोग पहले पकड़े गए थे, उन्हें क्यों छोड़ा?

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, ‘नारदा, शारदा और सिंडिकेट राज ने बंगाल के अंदर भष्टाचार का माहौल खड़ा किया है. जिससे बंगाल की जनता त्रस्त है. चिटफंड घोटाले के सभी प्रमाण स्थानीय प्रशासन ने नष्ट कर दिये. ये लोग नहीं चाहते दोषियों को सजा मिले. बीजेपी सरकार बनने के बाद चिटफंड घोटाले के जो भी दोषी हैं, उन सबको सजा दी जाएगी. बंगाल में वोटबैंक की तुष्टिकरण की राजनीति ने यहां की संस्कृति को नष्ट करने का काम किया है. पुलिस और ब्यूरोक्रेसी ने अपना रोल छोड़कर राजनेताओं का रोल ले लिया है. राजनेता मौन है, बाबू शाही बंगाल के लोकतंत्र को हड़प कर गई. सभी लोकतांत्रिक हितों को बंगाल में दफन करने वाली ममता दीदी आज लोकतंत्र की बात कर रही है.’

अमित शाह ने आगे कहा, ‘बंगाल में दो चरण के चुनाव के बाद ममता बनर्जी की बौखलाहट स्पष्ट दिख रही है. उन्हें अपनी हार दिख रही है और उसी हताशा से वो अब विपक्ष और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही हैं. हमारी रैली को बंगाल में अनुमति न देने वाली ममता दीदी की रैलियों को आज जनता अनुमति नहीं दे रही. उनकी रैलियों में भीड़ नहीं उमड़ रही है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हम एनआरसी को देशभर में इंप्लीमेंट करेंगे. सिटिजन अमेंडमेंट बिल के माध्यम से दूसरे देशों से धार्मिक वजहों से हमारे देश में जो लोग शरणार्थी बनकर आएं हैं, उन्हें नागरिकता देने की बात संकल्प पत्र में कही है. बंगाल के वोटरों से कहना चाहूंगा की डरने की जरूरत नहीं है. पूरा गांव एक साथ वोट डालने जाए, आपकी सुरक्षा के लिए सीआपीएफ और बीजेपी के कार्यकर्ता लोकतंत्र के प्रहरी बनकर खड़े हैं.’

शाह ने आगे कहा, ‘गरीब कल्याण के लिए बीजेपी की सरकार ने जो पांच साल के अंदर काम किए हैं उससे देश के 50 करोड़ लोगों को एक स्पष्ट मैसेज गया है कि बनने वाली बीजेपी की सरकार गरीब कल्याण के लिए अपनी गति और अधिक तेजी से बढ़ाएगी. राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बीजेपी स्पष्ट नीति लाई है. चाहे आतंकवाद हो, एनआरसी हो, सिटिजन अमेंडमेंट बिल हो, चाहे धारा 370 और 35ए को हटाने की बात हो. इस सभी बातों पर हमने अपने संकल्प पत्र में स्पष्ट नीति अपनाई है.

देश की आजादी के 75 साल जब होंगे यानी 2022 तक देश में एक भी व्यक्ति, एक भी परिवार ऐसा नहीं होगा जिसके पास घर, बिजली, गैस, पीने का पानी, शौचालय न हो और एक भी परिवार ऐसा नहीं होगा जिसके पास स्वास्थ्य की सुरक्षा न हो. देश की सुरक्षा के लिए, देश के अर्थतंत्र की गाड़ी को पटरी पर लाने के लिए कठोर नेतृत्व देना का काम बीजेपी ने किया है. विपक्ष के पास कोई नेतृत्व नहीं है. विपक्ष अपना न कोई नेता, न नीति देश के सामने रख पाया है.’

वहीं आतंकवाद के मुद्दे पर शाह ने कहा, ‘मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ पिछले पांच साल में जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया है. हमारे संकल्प पत्र में हमने इस नीति को और आगे बढ़ाने का संकल्प किया है. लेकिन विपक्षी पार्टियां देश की सुरक्षा के अहम मुद्दे पर चुप दिखाई देती है.