पीएम मोदी ने भाषण में किया अल्पसंख्यकों के डर जिक्र, तो ओवैसी ने साधा उनपर निशाना

पीएम मोदी ने अपने भाषण में अल्पसंख्यकों का विश्वास जीतने की बात करते हुए कहा था कि वोट-बैंक की राजनीति में भरोसा रखने वालों ने अल्पसंख्यकों को डर में जीने पर मजबूर किया, हमें इस छल को समाप्त कर सबको साथ लेकर चलना होगा.

हैदराबाद: आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ‘अगर पीएम मोदी इस बात से सहमत हैं कि अल्पसंख्यक डर में जीते हैं. तो उन्हें उन लोगों के बारे में जानना चाहिए जिन्होंने अखलाक को मारा और वो चुनावी जनसभा में सबसे आगे बैठे थे.”

ओवैसी ने आगे कहा, ‘अगर पीएम सोचते हैं कि मुस्लिम डर में जीते हैं तो क्या वो उन गैंगों पर लगाम लगाएंगे जो गाय के नाम पर मुस्लिमों की हत्या करते हैं, पीटते हैं और फिर वीडियो बनाकर नीचा दिखाते हैं.’ एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, ‘अगर मुस्लिम वास्तव में डर में जीता है तो क्या पीएम हमें बता सकते हैं कि 300 सांसदों में उनकी पार्टी के कितने मुस्लिम सांसद हैं जो लोकसभा के लिए चुने गए. यह पाखंड और अंतर्विरोध है जिसका पीएम मोदी और उनकी पार्टी पिछले 5 साल से प्रयोग कर रही है.’

मालूम हो कि भाजपा नीत एनडीए का नेता चुने जाने के बाद अपने 75 मिनट के भाषण में मोदी ने अल्पसंख्यकों का भी विश्वास जीतने की जरूरत बताते हुए कहा था कि वोट-बैंक की राजनीति में भरोसा रखने वालों ने अल्पसंख्यकों को डर में जीने पर मजबूर किया, हमें इस छल को समाप्त कर सबको साथ लेकर चलना होगा.

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा था, ‘2014 में मैंने कहा था, मेरी सरकार इस देश के दलित, पीड़ित, शोषित, आदिवासी को समर्पित है. मैं आज फिर से कहना चाहता हूं कि पांच साल उस मूलभूत बात से अपने आपको ओझल नहीं होने दिया.’

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