अस्सी अधिवेशन: जानिए मुलायम के गढ़ इटावा का मूड क्या है? देखें VIDEO

TV9 भारतवर्ष ने समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले इटावा की जनता से की खास-बातचीत.

नई दिल्ली: यमुना नदी के तट पर बसे इटावा की पहचान मुलायम सिंह के यादव की कर्मस्थली के रुप में होती है. BSP के संस्थापक रहे कांशीराम भी पहली बार इसी सीट से मुलायम सिंह यादव की मदद से लोकसभा पहुंचे थे. मौजूदा समय में यह सीट बीजेपी के कब्जे में है, यहां से बीजेपी के अशोक कुमार दोहरे सांसद हैं.

इटावा लोकसभा क्षेत्र में कुल 17.39 लाख वोटर हैं. मतदान की बात करें तो 2014 में इस सीट पर कुल 55.04% मत डाले गए थे. सियासी समीकरण की बात करें तो यहां 4.20 लाख दलित, 2 लाख ब्राह्मण, 1.70 लाख यादव, 1.20 लाख राजपूत और 1 लाख मुस्लिम वोटर्स हैं.

यहां के प्रमुख मुद्दों की बात करें तो छुट्टा पुशुओं का आतंक, सिंचाई की समस्या, फुटपाथ का अतिक्रमण, जाम की परेशानी और रोजगार के लिए लोगों का पलायन यहां के प्रमुख मुद्दों में शामिल है.

2019 लोकसभा चुनावों में टक्कर की बात करें तो बीजेपी की तरफ से रामशंकर कठेरिया, कांग्रेस की तरफ से अशोक दोहरे और महागठबंधन की तरफ से सपा के कमलेश कठेरिया मैदान में हैं.

ये भी पढ़ें, अस्सी अधिवेशन: जानिए शाहजहांपुर का संग्राम होगा किसके नाम, देखें VIDEO