आखिर अखिलेश-मायावती ने किस बात पर कांग्रेस को घेरा, कहा- कन्फ़्यूजन न पैदा करो

बसपा सुप्रीमो और सपा चीफ ने तो ट्वीट करके कांग्रेस को निशाने पर ले लिया लेकिन रालोद अजीत और जयंत के खिलाफ कांग्रेस के प्रत्याशी न उतारने की घोषणा पर अभी चुप है.

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस के रिटर्न गिफ्ट को सोमवार को वापस कर दिया. मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराने के लिए सपा-बसपा और रालोद गठबंधन ही काफी है.

मायावती ने सोमवार को ट्ववीट कर कहा कि बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर साफ तौर पर यह स्पष्ट कर देना चाहती है कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में कांग्रेस पार्टी से हमारा कोई भी किसी भी प्रकार का तालमेल नहीं है. उन्होंने अपने लोगों से अपील की कि हमारे लोग कांग्रेस पार्टी की तरफ से आये दिन फैलाये जा रहे किस्म-किस्म के भ्रम में कतई ना आएं.

मायावती ने एक दूसरे ट्वीट में कहा कि यूपी में भी कांग्रेस पूरी तरह से स्वतंत्र है कि वह यहां की सभी 80 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करके अकेले चुनाव लड़े. इसका मतलब साफ़ है कि यहां जो हमारा गठबंधन बना है वो अकेले ही बीजेपी को पराजित करने में सक्षम है. कांग्रेस जबर्दस्ती यूपी में गठबंधन के लिए 7 सीटें छोड़ने की भ्रान्ति ना फैलाये.

अखिलेश ने मिलायी हां में हां
उधर सपा चीफ अखिलेश यादव ने भी मायावती की हाँ में हाँ मिलाते हुए कांग्रेस को घेरा. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि यूपी में हमारा गठबंधन बीजेपी को हारने की लिए काफी है.

कांग्रेस ने सपा, बसपा, रालोद के लिए 7 सीटें छोड़ी
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने रविवार को लखनऊ में कहा था कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा और रालोद गठबंधन के लिए सात सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी. राज बब्बर ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि कांग्रेस मैनपुरी, कन्नौज, फिरोजाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर के साथ ही मायावती व अखिलेश यादव के खिलाफ अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपना दल (कृष्णा पटेल) के साथ गठबंधन के तहत उनके लिए भी दो सीटें छोड़ दी हैं. ये सीटें गोंडा व पीलीभीत हैं. राज बब्बर ने कहा कि जन अधिकार पार्टी से हमारा सात सीटों के लिए समझौता हुआ है, जिसमें पांच सीटों पर वे अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे और दो सीटें हमारे चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे.