ऑपरेशन भारतवर्ष में पीएम मोदी की रैली में पैसे देकर भीड़ जुटाने का किया था खुलासा, कटा टिकट

ऑपरेशन भारतवर्ष में सांसद ने हमारी खुफिया टीम को बताया था कि अगर रैली बड़े नेताओं की हो तो 80 लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं. ये पैसा रैली में लोगों की भीड़ जुटाने में ख़र्च होता है.

नई दिल्ली: टीवी9 भारतवर्ष के ऑपरेशन भारतवर्ष का जहां देशभर में हड़कंप मचा हुआ है वहीं अब इस स्टिंग ऑपरेशन में फंसे नेताओं पर गाज गिरनी शुरू हो चुकी है. राजस्थान के भरतपुर लोकसभा सीट से सांसद बहादुर सिंह कोली का पार्टी ने टिकट काट दिया गया है. इस सांसद ने स्टिंग ने खूफिया कैमरे के सामने चुनाव में कालेधन की बात को स्वीकारा था और कहा था कि वो पीएम मोदी की रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए भी पैसा खर्च करते हैं.

गौरतलब है कि ऑपरेशन भारतवर्ष में सांसद ने हमारी खुफिया टीम को बताया था कि अगर रैली बड़े नेताओं की हो तो 80 लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं. ये पैसा रैली में लोगों की भीड़ जुटाने में ख़र्च होता है. 2014 में राजस्थान के भरतपुर लोक सभा सीट से जीते इस सांसद ने बताया कि चुनाव लड़ने में 3 करोड़ रुपये तक खर्च हो जाते हैं.

सांसद महोदय ने हमारी स्पेशल इनवेस्टिगेटिंग टीम के सामने कबूला कि पार्टी से 1 करोड़ तक की मदद मिल जाती है. लेकिन आधा पैसा यानि 50 लाख रुपये हवाला के ज़रिए उन तक पहुंचता है. ज़रूरत पड़ी तो लाखों की ये ब्लैकमनी एंबुलेंस या पुलिस की गाड़ी में भेज दी जाती है.

ये हुए थे हैरान कर देने वाले खुलासे:
2-3 करोड़ रुपये ब्लैकमनी खर्च करते हैं.
गाड़ी और शराब पर लाखों का कालाधन फूंकते हैं.
कालेधन से आता है समर्थकों और प्रचारकों का खाना व शराब.
वोटिंग से पहले गाड़ियों की संख्या बढ़ाकर चुनाव आयोग को धोखा.
पीएम मोदी की रैली में भींड़ के लिए 10-10 लाख रुपये दिये थे.
पीएम मोदी की जनसभा के लिए मिली ज्यादातर रकम खा गए नेता.
वोटर्स को लाने के लिए हर बूथ पर 5,000 रुपये का खर्च.
चुनाव लड़ने के लिए पार्टी 50 लाख रुपये ब्लैकमनी देती है.
हवाला के जरिए कालाधन आसानी से मंगा लेते हैं.
चुनावी खर्च के लिए एम्बुलेंस में ब्लैकमनी मंगवाते हैं.
दिल्ली से जयपुर और जयपुर से लोकसभा क्षेत्र तक पहुंचता है पैसा.
पुलिस की गाड़ियों और एम्बुलेंस में मंगवाया कालाधन.
संसद में सवाल के लिए कोई चार्ज नहीं लेते.