जानें कितने ताकतवर हैं आडवाणी-जोशी से रिटायरमेंट लेने की बात कहने वाले रामलाल

रामलाल इन दिनों इसलिए चर्चा में है, क्‍योंकि आडवाणी के करीबी और मुरली मनोहर जोशी ने इनका नाम लेकर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्‍व पर निशाना साधा है. रामलाल ने ही आडवाणी, जोशी से रिटायरमेंट का ऐलान करने को कहा.

नई दिल्‍ली: 2019 लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी के उम्‍मीदवारों के नामों का ऐलान लगातार हो रहा है. एक के बाद एक जारी हो रही इन नामों की लिस्‍ट में बीजेपी के कई ऐसे नाम काट दिए गए, जिन्‍होंने बीजेपी को शून्‍य से शिखर तक पहुंचाया. लाल कृष्‍ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी भी इनमें शामिल हैं. इनके अलावा, शांता कुमार, हुकुमदेव यादव, कलराज मिश्र, भगत सिंह कोश्‍यारी, बीसी खंडूरी और करिया मुंडा का भी टिकट कटा.

इन सभी नेताओं से बीजेपी के संगठन महासचिव रामलाल ने संपर्क किया था. ये वही रामलाल हैं, जिनके बारे में आडवाणी के करीबी ने हाल ही में खुलासा किया. मुरली मनोहर जोशी ने भी मंगलवार को रामलाल का नाम लेकर बीजेपी के आलाकमान पर भड़ास निकाली.

सबसे पहले जान लेते हैं कि आडवाणी के करीबी और जोशी ने रामलाल के बारे में क्‍या कहा. 2019 लोकसभा चुनाव में गांधी नगर लोकसभा सीट से टिकट काटे जाने के बाद लाल कृष्‍ण आडवाणी के करीबी ने कहा, ‘टिकट काटा जाना कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है, लेकिन जिस प्रकार से यह सब किया गया, वह तरीका अपमानजनक है.’

bjp leader ramlal profile, जानें कितने ताकतवर हैं आडवाणी-जोशी से रिटायरमेंट लेने की बात कहने वाले रामलाल

आडवाणी के करीबी ने बताया, ”उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट फाइनल होने से पहले बीजेपी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी राम लाल ने वरिष्‍ठ नेताओं से संपर्क कर उनसे रिटायरमेंट लेने की घोषणा करने को कहा था. लेकिन आडवाणी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. आडवाणी को इस बात पर नाराजगी थी कि उनसे किसी बड़े नेता ने संपर्क नहीं किया.”

मुरली मनोहर जोशी ने मंगलवार को कानपुर की जनता को ओपन लेटर लिखा. दरअसल, सोमवार को BJP के संगठन महासचिव रामलाल ने जोशी से मुलाकात की. रामलाल ने मुरली मनोहर जोशी को बताया कि पार्टी उन्हें चुनाव नहीं लड़वाना चाहती है. रामलाल ने कहा कि पार्टी चाहती है कि आप पार्टी ऑफिस आकर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान करें.

जोशी ने ओपन लेटर में लिखा, ”ये पार्टी के संस्कार नहीं हैं, अगर हमें चुनाव ना लड़वाने का फैसला हुआ है तो कम से कम पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को हमें आकर सूचित करना चाहिए.”

अब आपको बताते हैं कि रामलाल ने ऐसा क्‍यों किया? दरअसल, रामलाल को पार्टी के शीर्ष नेतृत्‍व ने यह जिम्‍मा सौंपा कि वह आडवाणी समेत सभी बुजुर्ग नेताओं से बात करें और उनसे कहें कि वे रिटायरमेंट ले लें. इसी प्रकार से रामलाल ने अन्‍य वरिष्‍ठ नेताओं से भी बात की और उनसे रिटायरमेंट लेने को कहा.

रामलाल के बारे में खास बातें

-रामलाल राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक रहे और बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए.
-रामलाल इस समय बीजेपी के संगठन महासचिव हैं.
-फरवरी 2019 में रामलाल का नाम उस समय चर्चा में आया था, जब उनकी भतीजी ने मुस्लिम दोस्‍त से शादी कर ली थी.
-भतीजी की शादी को लेकर सोशल मीडिया पर रामलाल को काफी ट्रोल किया था.
-रामलाल वही बीजेपी नेता हैं, जिनका नाम उत्‍तर प्रदेश सीएम पद की रेस में भी था. 2017 यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद मनोज सिन्‍हा, योगी आदित्‍यनाथ के साथ रामलाल का नाम भी सीएम पद की रेस में शामिल था.
-यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में रामलाल ने बड़ी अहम भूमिका निभाई थी. रामलाल ने उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले बीजेपी के रूठे नेताओं को मनाने में अहम भूमिका निभाई थी.
-रामलाल ने 1974 में प्रचारक के तौर पर आरएसएस के साथ यात्रा शुरू की. 1998 में रामलाल को प्रांत प्रचारक बनाया गया.
-जुलाई 2006 में रामलाल को बीजेपी का नेशनल जनरल सेक्रेटरी ऑर्गनाइजेशन बनाया गया.