अमित शाह की दावत में पहुंचे NDA के 36 दल, मोदी के सम्मान में पास किया प्रस्ताव

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा आमंत्रित रात्रिभोज में संभावित चुनाव परिणाम और चुनाव बाद के परिदृश्य पर चर्चा हुई.

नई दिल्ली: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली के द अशोक होटल में एनडीए के प्रमुख नेताओं को डिनर पर आमंत्रित किया. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उद्धव ठाकरे और नीतीश कुमार भी शामिल हुए. इससे पहले पीएम मोदी ने पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की. रात्रिभोज के दौरान संभावित चुनाव परिणाम और चुनाव बाद के परिदृश्य पर चर्चा हुई.

बैठक में जिन मंत्रियों ने हिस्सा लिया, उसमें राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, राधामोहन सिंह, पीयूष गोयल, गिरिराज सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी, चौधरी बीरेंद्र सिंह, उमा भारती और लोक जनशक्ति पार्टी के राम विलास पासवान तथा शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल शामिल थे.

शिवसेना ने किया था इनकार
इससे पहले दिन के समय शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने सीएनएन न्यूज18 से कहा था कि ठाकरे रात्रिभोज में नहीं जाएंगे और पार्टी के राज्यसभा सांसद सुभाष देसाई इसमें पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे. राउत ने कहा था, “भाजपा अध्यक्ष ने उद्धवजी को निमंत्रण भेजा है और उनसे फोन पर भी बात की है, लेकिन वह नहीं जा रहे हैं. सुभाष देसाई रात्रिभोज में जाएंगे.”

उन्होंने चुनाव नतीजे से पहले इस तरह की मुलाकातों पर सवाल उठाते हुए कहा था, “जब तक नतीजे नहीं आ जाते और तस्वीर साफ नहीं हो जाती, हम दिल्ली में क्या करेंगे?”

Amit Shah, अमित शाह की दावत में पहुंचे NDA के 36 दल, मोदी के सम्मान में पास किया प्रस्ताव

Amit Shah, अमित शाह की दावत में पहुंचे NDA के 36 दल, मोदी के सम्मान में पास किया प्रस्ताव

रात्रिभोज में पीएम मोदी का खूब स्वागत-सत्कार किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में प्रस्ताव पास हुआ. इस मौके पर एनडीए के 36 दलों के नेता शामिल हुए. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है.

‘बिहार को मिले विशेष राज्य का दर्जा’
वहीं, रात्रिभोज में शामिल होने से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य को विशेष दर्जा दिया जाना चाहिए. जनता दल यूनाइटेड (जद-यू) अध्यक्ष ने कहा, “हम अब भी बिहार को विशेष दर्जा दिलाने के पक्ष में हैं. यह मुद्दा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हम इस मुद्दे को उठाते रहेंगे.”

नीतीश कुमार ने अनुच्छेद 370 हटाने की भारतीय जनता पार्टी की मांग को लेकर मतभेद के बारे में कहा, “इसमें कोई अंतर्विरोध नहीं है. हमने हमेशा यही कहा है कि अनुच्छेद 370 को नहीं हटाया जाना चाहिए, यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू नहीं किया जाना चाहिए, अयोध्या विवाद को आपसी सहमति/अदालत के हस्तक्षेप के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. हमने भाजपा के साथ जब गठजोड़ किया था, तभी से हम इन बातों पर कायम हैं.”

उन्होंने कहा कि भाजपा उनका रुख जानती है, लेकिन दोनों दलों के बीच कोई मतभेद नहीं है. नीतीश ने लोकसभा चुनाव में राजग की जीत पर भी पूरा भरोसा जताया.

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