गूगल प्लेटफॉर्म पर ऐड देने में BJP निकली आगे…

चुनावी दौर में पार्टियों के बीच अपने प्रचार-प्रसार को लेकर होड़ मची हुई है. हाल ही में आई गूगल इंडिया ट्रांसपेरेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइनविज्ञापन देने के मामले में भारतीय जनता पार्टी नंबर वन पर है.

नई दिल्ली: एक ओर जहां देशभर में चुनावी माहौल ने गर्मी पकड़ी है, वहीं अपने-अपने प्रचार-प्रसार को लेकर तमाम पार्टियां सक्रिय हो चुकी हैं. लेकिन इस बार पिछले लोकसभा चुनाव में हुए ऑफलाइन विज्ञापन की बजाय ऑनलाइन ऐडवरटाईजमेंट को तवज्जो दी जा रही है. फेसबुक, गूगल प्लेटफॉर्म, यू-ट्यूब और ट्विटर के जरिए पार्टियां अपनी सत्ता लाने का दाव खेल रही हैं.

गूगल इंडिया ट्रांसपेरेंसी की रिपोर्ट में हुए खुलासे के मुताबिक भारत में राजनीतिक दलों ने गूगल प्लेटफॉर्म पर 19 फरवरी से तीन अप्रैल के बीच 3.7 करोड़ रुपये खर्च कर 831 चुनावी विज्ञापन दिए हैं. इस बीच भाजपा ने 554 विज्ञापनों के लिए 1.21 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इन आंकडों के हिसाब से विज्ञापन देने के मामले में भारतीय जनता पार्टी अव्वल पर है.

दूसरे नंबर पर वाई.एस. गजमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी है जिसने 107 विज्ञापनों के लिए 1.07 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इसके अलावा यूट्यूब सहित दूसरे गूगल प्लेटफॉर्म्स पर कांग्रेस पार्टी ने रूप 14 विज्ञापनों के लिए सिर्फ 54,100 रुपये खर्च किए हैं.

इस दौरान चुनावी विज्ञापनों पर सबसे ज्यादा खर्चा (लगभग 1.73 करोड़ रुपये) आंध्र प्रदेश में हुआ, इसके बाद तेलंगाना (लगभग 72 लाख रुपये), उत्तर प्रदेश (लगभग 18 लाख रुपये) और महाराष्ट्र (लगभग 17 लाख रुपये) हैं.

इस रिपोर्ट को लेकर कंपनी ने कहा, “गूगल ने फरवरी में विज्ञापन नीति फरवरी में लागू की थी जिसमें भारत में चुनावी विज्ञापन चलाने के लिए भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) या उसके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा जारी पूर्व-प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना पड़ता है. इसके बाद, गूगल अपने प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनदाताओं के विज्ञापन चलाने से पहले उनकी पहचान की पुष्टि करता है.”

चुनावी विज्ञापनों में ज्यादा ट्रांसपेरेंसी लाने के लिए गूगल ने भारत में राजनीतिक विज्ञापन की रिपोर्ट और सर्च करने लायक राजनीतिक विज्ञापन की लाइब्रेरी पेश की है.