चुनाव आयोग ने पहली बार धारा 324 का किया प्रयोग, प्रत्याशी नहीं कर पाएंगे चुनाव प्रचार

पश्चिम बंगाल की सभी 9 लोकसभा क्षेत्र में गुरुवार रात 10 बजे के बाद से चुनाव प्रचार (Election Campaigning) पर रोक लग जाएगी.

नई दिल्ली: मंगलवार शाम बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग (Election Commission) की तरफ से रोक लगा दी गई है. चुनाव आयोग की तरफ से जारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई. यह फैसला 16 मई की रात 10 बजे से प्रभावी होगा.

पश्चिम बंगाल की सभी 9 लोकसभा क्षेत्र में गुरुवार रात 10 बजे के बाद से चुनाव प्रचार (Election Campaigning) पर रोक लग जाएगी. ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रचार की समय सीमा खत्म होने से लगभग 20 घंटे पहले ही चुनाव आयोग ने वहां की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है.
यह पहली बार होगा कि धारा 324 का इस्तेमाल किया गया है.

1- चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि कोई भी व्यक्ति 16 मई की रात 10 बजे के बाद इस चुनाव से संबंधित कोई भी पब्लिक मीटिंग नहीं कर सकता.
2- उम्मीदवार और उनके समर्थक नहीं कर सकेंगे प्रचार प्रसार
3- सोशल मीडिया पर नहीं पोस्ट कर सकते फोटो-वीडियो
4- किसी भी तरह का कोई प्रलोभन नहीं दे सकते

दरअसल संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को चुनाव के संचालन, निर्देशन और नियंत्रण के अधिकार मिलते हैं जो सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों में विषय रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट भी ये मानता रहा है कि ये अनुच्छेद फ्री एंड फेयर चुनाव की गारंटी देने के लिए चुनाव आयोग की ताकत बढ़ाता है.