अमरिंदर सिंह बोले- प्रधानमंत्री को इतना गिरना शोभा नहीं देता, कोई मोदी को गोधरा से जोड़ दे तो?

1984 दंगों पर सैम पित्रोदा के बयान पर सिंह ने कहा कि 'अगर पित्रोदा ने सच में ऐसा कहा है तो यह चौंकाने वाला है.' 

पटियाला: पंजाब के मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. मोदी अपनी चुनावी रैलियों में 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमला करते रहे हैं. IANS रिपोर्ट के अनुसार, इसी की आलोचना करते हुए अमरिंदर ने 10 मई को कहा, “यदि कोई गोधरा के साथ मोदी का नाम जोड़ना शुरू कर दे तो? यह प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता कि चुनाव जीतने के लिए वह इतना नीचे गिर जाएं.

सैम पित्रोदा के विवादास्पद बयान पर साफ तौर पर असहमति जताते हुए सिंह ने कहा कि यदि पित्रोदा ने वाकई ऐसा कहा है, तो यह स्तब्ध करने वाला है. पित्रोदा ने कहा था कि ‘अगर 1984 का दंगा हुआ, तो हुआ, इसमें क्या.’ अमरिंदर ने कहा, “1984 का दंगा एक बड़ी त्रासदी थी और पीड़ितों को अभी तक न्याय नहीं मिला है. अगर कोई नेता इस दंगे में सलिप्त है, तो उसे कानून के हिसाब से सजा मिला चाहिए.” उन्होंने कहा कि जब यह दंगा हुआ था, वह तभी से कह रहे हैं कि उन्होंने सज्जन कुमार, एच.के.एल. भगत, धर्मदास शास्त्री, ललित माकन और अर्जुन दास के मामले में संलिप्तता के बारे में आरोपों को सुना था और वह अपने बयान पर टिके हुए हैं.

“आधारहीन बयानों से दूर रहें मोदी”

उन्होंने कहा कि इस मामले में संलिप्त कुछ लोगों के संबंध कांग्रेस से होने का मतलब यह नहीं है कि मोदी को दंगे में राजीव गांधी या कांग्रेस पार्टी को घसीटने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा, “इसी तर्ज पर तो मोदी का भी नाम गोधरा हमले से जोड़ देना चाहिए.” उन्होंने प्रधानमंत्री से पद की गरिमा घटाने का प्रयास करने और ऐसे आधारहीन बयानों से दूर रहने के लिए कहा.

मख्यमंत्री ने कहा, “मोदी को 1984 दंगा मामले की एफआईआर में कई भाजपा और आरएसएस नेताओं के नाम को भी नहीं भूलना चाहिए. जो भी निर्दोष सिखों पर हमले के लिए जिम्मेदार हैं, उन सबको सजा मिलनी चाहिए.” उन्होंने कहा कि मोदी बेवजह अदालत के विवादों में राजीव गांधी का नाम घसीट रहे हैं और अपने झूठ से वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका रहे हैं.

PM मोदी ने क्‍या कहा था?

पीएम मोदी ने रोहतक में कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के 1984 सिख विरोधी दंगों पर बयान का जिक्र किया था. उन्‍होंने इस बहाने कांग्रेस पार्टी और राजीव गांधी पर निशाना साधा. उन्‍होंने कहा था, “ये कांग्रेस की मानसिकता का प्रतिबिम्ब है. कांग्रेस ने सालों तक यही किया है. कांग्रेस का यही रूप पहले से था. तभी (1984) राजीव गांधी ने कहा था, जब बड़ा पेड़ गिरता है तो जमीन हिलती है. उसके बाद इतने साल हो गए आयोग बनते गए, कमीशन बनते गए पर किसी पर कार्रवाई नहीं हुई. इतना ही नहीं, कमलनाथ को उन्होंने पंजाब का प्रभारी बना दिया था. जब 84 के सिख दंगों के बाद कमलनाथ का विरोध हुआ तो उसे हटा दिया और आज उसको मुख्यमंत्री बना दिया…”

उन्‍होंने आगे कहा, “…तो इसको किसी एक व्यक्ति के विचार मत मानिए. ये पूरी कांग्रेस की सोच का प्रतिबिम्ब है. कांग्रेस इसी अहंकार से भरी हुई है. देश को कितना नुकसान हुआ. उनकी यही मानसिकता है, ‘हुआ तो हुआ’. देश लुट गया, उनकी मानसिकता है ‘हुआ तो हुआ’. ये कांग्रेस के राग-राग में भरा पड़ा है. ये अहंकार ही है जिसने कांग्रेस को 40 सीटों पर ला करके खड़ा कर दिया है. और अब जनता इससे भी नीचे ले जाएगी.

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