चुनावी नतीजे आने के पहले ही तेज हुई जोड़-तोड़ की तैयारी, अखिलेश-माया से मिलने यूपी पहुंचे नायडु

चंद्रबाबू नायडू की मायावती और अखिलेश से हुई इस मुलाकात ने चुनाव बाद विपक्षी गठबंधन की हल्की सी तस्वीर साफ कर दी है.

लखनऊ: जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव अपने आखिरी मुकाम तक पहुंचता जा रहा है, वैसे-वैसे विपक्षी दलों में भी नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं. अलग-अलग दलों के बीच बैठकों और मुलाकातों के दौर शुरू हो गए हैं. विपक्षी दलों को एक धागे में पिरोने का बीड़ा उठाया है आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने. शुक्रवार को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद नायडू शनिवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर गए.

यूपी दौरे पर सबसे पहले चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की. इसके बाद चंद्रबाबू नायडू ने बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती से मुलाकात की. उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन में हो कर चुनाव लड़ रहे हैं. मायावती से जब नायडू मिलने पहुंचे तब उन्होंने बसपा प्रमुख को आम की पेटी उपहार को तौर पर दी.

एसपी-बीएसपी से मुलाकात ने तेज की विपक्षी गठबंधन की सुगबुगाहट

मालूम हो कि अगर बीजेपी के अलावा कोई वैकल्पिक सरकार बनती है तो बसपा प्रमुख मायावती प्रधानमंत्री पद का दावा ठोकने वालों की सूची में हो सकती हैं. ऐसे में नायडू का उनको सम्मान देना राजनीतिक गलियारों में कई कयासों को भी जन्म दे रहा है. यूपी में अखिलेश और मायवती से मुलाकात करने के पहले नायडू ने शुक्रवार को राहुल गांधी से भी मुलाकात की थी.

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, टीडीपी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि चंद्रबाबू नायडू शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे थे, जिसके बाद अगले दिन उन्होंने राहुल गाांधी से उनके आवास पर मुलाकात की. इस मुलाकात को लेकर बताया जा रहा है कि यह मुलाकात संभवत: चुनाव के बाद के परिदृश्य में संभावित गठबंधनों पर चर्चा करने के संदर्भ में थी.

एक नाम पर सहमति के लिए हो रही है तैयारी

एक ओर जहां चंद्रबाबू नायडू कई दलों के प्रमुखों से मिलकर चुनाव बाद होने वाले गठबंधन की कवायद तेज कर रहे हैं. तो वहीं राष्ट्रवादी पार्टी के प्रमुख शरद यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पहले ही कई बैठकें कर चुके हैं. बिहार में भी आरजेडी और कांग्रेस पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में विपक्षी दलों की ये मुलाकात चुनाव बाद होने वाले गठबंधन की प्लानिंग या किसी एक नाम पर सहमति की शुरुआत हो सकती है.

मालूम हो कि लोकसभा चुनाव के तहत कल यानी रविवार को 59 सीटों पर मतदान होना है. ये सातवां और आखिरी चरण का मतदान है. इसके बाद 23 मई को चुनावी नतीजे घोषित होंगे और केंद्र की सत्ता पर कौन काबिज होगा इसकी भी तस्वीर साफ हो जाएगी.

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