कांग्रेस ने प्रिया दत्त समेत इन 5 प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में दिया मौक़ा, जाने क्या है वजह

आपको याद होगा कुछ समय पहले ही प्रिया दत्त ने चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला किया था. ऐसे में सवाल उठता है कि आख़िर प्रिया दत्त ने दोबारा चुनाव लड़ने का फ़ैसला क्यों किया?

लोकसभा चुनाव की तारीख की ऐलान के साथ ही कांग्रेस, बीजेपी समेत सभी अन्य दलों ने प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है. सभी पार्टी मैदान में जिताऊ उम्मीदवार को उतारना चाहती है. इसी कड़ी में बुधवार को महाराष्ट्र कांग्रेस ने 5 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की.

कांग्रेस ने दक्षिण मुंबई से मिलिंद देवड़ा को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है. ये वही मिलिंद देवरा है जो साल 2014 में शिवसेना के अरविंद सावंत से लोकसभा चुनाव हारे थे. इसके बावजूद देवरा को दोबारा मौक़ा दिया गया है.

बताया जा रहा है कि देवरा राहुल गांधी के क़रीबी नेताओं में से एक हैं, इसके अलावा कांग्रेस के पास मुंबई दक्षिण से कोई दूसरा मजबूत उम्मीदवार भी नहीं था. इसीलिए मिलिंद देवड़ा को दोबारा लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा गया है.

वहीं मुंबई की उत्तर मध्य लोकसभा सीट से कांग्रेस ने प्रिया दत्त को मौक़ा दिया है. इस सीट पर प्रिया दत्त का मुक़ाबला बीजेपी नेता पूनम महाजन से होगा. साल 2014 में कांग्रेस नेता प्रिया दत्त को बीजेपी युवा नेता पूमन महाजन से ही शिकस्त मिली थी.

आपको याद होगा कुछ समय पहले ही प्रिया दत्त ने चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला किया था. ऐसे में सवाल उठता है कि आख़िर प्रिया दत्त ने दोबारा चुनाव लड़ने का फ़ैसला क्यों किया?

प्रिया दत्त से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, मैं अपने बच्चों के भविष्य के लिए चुनाव लड़ रही हूं. यह देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है.’

ज़ाहिर है पूनम महाजन बीजेपी के दिग्गज नेता स्वर्गीय प्रमोद महाजन की बेटी है ऐसे में कांग्रेस के पास स्वर्गीय सुनील दत्त की बेटी को चुनावी मैदान में उतारने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं था.

हालांकि कांग्रेस ने पहले इस सीट पर प्रत्याशी ढूंढ़ने के लिए काफी मशक्कत की लेकिन जब उसे कोई मज़बूत उम्मीदवार नहीं मिला तो हारकर उन्होंने प्रिया दत्त को दोबारा समझा-बूझाकर चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया.

बता दें कि मुम्बई उत्तर मध्य की सीट पर कांग्रेस के नेता कृपाशंकर सिंह, नसीम ख़ान और नगमा ने भी दावेदारी की थी.

बुधवार को कांग्रेस द्वारा जारी की गई इस लिस्ट में बीजेपी के बागी नेता नाना पटोले का भी नाम शामिल किया गया है. नाना पटोले नागपुर से नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.

नाना पटोले इससे पहले बीजेपी के बैनर तले गोंदिया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन शीर्ष नेताओं से मतभेद के चलते उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस  का दामन थाम लिया.

वहीं  गढ़चिरौली चिमूर लोकसभा सीट से डॉक्टर नामदेव उसेंडी को उम्मीदवार बनाया गया है. कांग्रेस के पांचवें  उम्मीदवार है सुशील कुमार शिंदे. शिंदे सोलापुर लोकसभा सीट से एक बार फिर चुनावी मैदान में होंगे. इसके पहले भी सुशील कुमार शिंदे सोलापुर से सांसद रह चुके हैं.

साल 2014 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शरद बनसोडे ने पटखनी  दी थी. सोलापुर कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे का गृह जिला है ऐसे में कांग्रेस एक बार फिर सुशील कुमार शिंदे पर भरोसा  दिखा रही है.

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