#OperationBharatvarsh ने खोली BJP सांसद रामदास की पोल, कैश में मांगे करोड़ों

इतना ही नहीं बीजेपी के इस सांसद ने नोट की डिलीवरी दिल्ली में अपने सरकारी बंगले पर करने को कहा. इसके अलावा पैसे पहुंचाने के लिए सांसद महोदय पार्लियामेंट की स्टिकर वाली अपनी कार तक मुहैया कराने को तैयार हो गए.

नई दिल्ली: चुनाव में काले धन के इस्तेमाल को expose करने वाले टीवी 9 भारतवर्ष के इस स्टिंग ऑपरेशन में अब आपके सामने ऐसे सांसद के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 2019 के चुनाव में 25 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी कर चुके हैं. बीजेपी के इस सांसद ने पिछले चुनाव में 10 करोड़ रुपए फूंक दिए और पार्टी ने 2019 में एक बार फिर इन्हें वर्धा से चुनावी मैदान में उतारने का फैसला कर लिया है.

हमारी इंवेस्टिगेशन टीम ने जब एक फर्जी कंपनी की मदद के एवज में चुनावी खर्च में मदद की पेशकश की तो सांसद महोदय 8 करोड़ कैश लेने के लिए तैयार हो गए. महाराष्ट्र के वर्धा से जीते इस सांसद ने ना सिर्फ साफ तौर पर चेक से पैसे लेने से मना कर दिया, बल्कि कैश के बदले संसद में फर्जी कंपनी के फायदे के लिए हर सवाल उठाने को भी राजी हो गए.

इतना ही नहीं बीजेपी के इस सांसद ने नोट की डिलीवरी दिल्ली में अपने सरकारी बंगले पर करने को कहा. इसके अलावा पैसे पहुंचाने के लिए सांसद महोदय पार्लियामेंट की स्टिकर वाली अपनी कार तक मुहैया कराने को तैयार हो गए.

दूसरी बार लोकसभा के लिए अपनी किस्मत आज़मा रहे इस सांसद ने हमारी खुफिया टीम के कैमरे पर नोटबंदी का समर्थन तो किया, लेकिन ये भी दावा किया कि काले धन के खिलाफ इस मुहिम के बावजूद चुनाव के लिए करोड़ों की फंडिंग का इंतज़ाम होना कोई बड़ी बात नहीं है.

TV9 भारतवर्ष के सबसे बड़े और सनसनीखेज स्टिंग ऑपरेशन में अब बात हो रही है बीजेपी सांसद रामदास चंद्रभानजी तडस की. रामदास 2009 में कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे. देवली सीट से उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन रंजीत कांबले ने उन्हें हरा दिया था.

1985 से 1987, 1990-1995 और 1996 से 1998 तक रामदास देवली म्यूनिसिपल काउंसिल के चेयरपर्सन रहे.
2007 से 2009 तक वे महाराष्ट्र स्ट्रेट कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर रहे.
2014 में बीजेपी के टिकट पर वर्धा से चुनाव जीतकर लोकसभा सांसद पहुंचे.
ये नेता महाराष्ट्र के बीजेपी वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं.

टीवी 9 भारतवर्ष की स्पेशल इंवेस्टिगेटिंग टीम के स्टिंग ने बीजेपी के इन भावी उम्मीदवार की पोल खोलकर रख दी है. आइये जानते हैं कि कैसे सांसद रामदास चंद्रभानजी तडस ने चुनावों में आचार संहिता की धज्जियां उड़ाकर रख दी है.

स्टिंग के दौरान रामदास तड़स और रिपोर्टर के बीच बातचीता का खास हिस्सा…

अंडरकवर रिपोर्टर: आपका चुनाव में कितना खर्चा होता है?
रामदास तड़स: “हमारा 25 करोड़ रुपए तक खर्चा हो जाता है”

अंडरकवर रिपोर्टर: पिछले साल कितना खर्चा हो गया था लगभग?
रामदास तड़स: “10 करोड़ रुपए हो गया था”

अंडरकवर रिपोर्टर: सबसे बड़ा अमाउंट किसमें खर्च होगा?
रामदास तड़स: “जैसे सभाएं होती हैं लोगों की, बड़े-बड़े मंत्रियों की, उसमें बहुत खर्चा आ जाता है.”

अंडरकवर रिपोर्टर: लगभग कितना खर्चा आ जाता है?
रामदास तड़स: “उसमें लगभग 10 करोड़ रुपए लग जाते हैं. 100 गाड़ी रहेंगी.”

अंडरकवर रिपोर्टर: एक गाड़ी पर कितना खर्चा आ जाता है?
रामदास तड़स: “एक गाड़ी पर रोज समझो 5000 रुपए खर्चा आ जाता है”

अंडरकवर रिपोर्टर: पार्टी भी फंड देती होगी आपको?
रामदास तड़स: “5 करोड़ रुपए”

अंडरकवर रिपोर्टर: 5 करोड़ रुपए पार्टी फंड देती है. कैश में देती है या चेक में देती है?
रामदास तड़स: “उनके आदमी खर्चे करते हैं. अपने हाथ में नहीं देती.”

अंडरकवर रिपोर्टर: आपको वोटर्स को भी कैश देना पड़ता होगा?
रामदास तड़स: “हां, वो झोपड़पट्टी है. गरीब लोग हैं उनको. वो फुली बोलते हैं. 500 रुपए फुली.”

अंडरकवर रिपोर्टर: कब देते हैं, चुनाव के टाइम पर मतलब जैसे कल इलेक्शन होने वाला है?
रामदास तड़स: “हां”

अंडरकवर रिपोर्टर: चुनाव में बिना कैश के कोई काम चलता है?
रामदास तड़स: “कैश के बिना वहां काम नहीं चलता”

अंडरकवर रिपोर्टर: नहीं, अब जैसे इलेक्शन के लिए फंड्स की परेशानी आ गई ना?
रामदास तड़स: “फंड तो आ जाता है इधर-उधर से”

अंडरकवर रिपोर्टर: क्या कैश में ही सारा इलेक्शन होता है?
रामदास तड़स: “हां”

अंडरकवर रिपोर्टर: सर, मैं यह कह रहा था आपको हम लोग 13 को जो है 2 करोड़ रुपए मुहैया करवा देंगे?
रामदास तड़स: “ठीक है”

अंडरकवर रिपोर्टर: चुनाव के समय आपको भी फंड की जरूरत होती है?
रामदास तड़स: बराबर

अंडरकवर रिपोर्टर: हमारी कंपनी आपको एक सपोर्ट के तौर पर अराउंड 8 करोड़ रुपए मुहैंया करवा देगी?
रामदास तड़स: “ओके”

अंडरकवर रिपोर्टर: लेकिन ये कैश में रहेगा?
रामदास तड़स: “ओके”

अंडरकवर रिपोर्टर: थोड़ा हमे आपका एक एस्टिमेट समझना था, बेसिकली कि कितना आपका किस तरह से क्योंकि कई सारे एक्सपेंसज ऐसे होते हैं, जो हम खुद भी bear कर सकते हैं. मतलब उसको कैश के फॉर्म में न देकर डायरेक्ट bear कर लें उसको. थोड़ा एक बार बजट समझना था कि कितना लगभग एक्सपेंसेज आ जाता है?
रामदास तड़स: “ओके”

अंडरकवर रिपोर्टर: आपका चुनाव में कितना खर्चा हो जाता है?
रामदास तड़स: “हमारा 25 करोड़ रुपए तक हो जाता है”

अंडरकवर रिपोर्टर: पिछली बार कितना हुआ था?
रामदास तड़स: “एक भी पैसा नहीं हुआ था”

अंडरकवर रिपोर्टर: ऐसे कैसे?
रामदास तड़स: “लोगों ने लगाया था पैसा. अभी दूसरा टाइम है. अभी कुछ खर्चा आएगा. आभी खर्चा चालू हो गया अपना”

अंडरकवर रिपोर्टर: पिछले साल लगभग कितना खर्चा आ गया था?
रामदास तड़स: “10 करोड़ रुपए”

अंडरकवर रिपोर्टर: बिजनेसमैन भी आपसे जुड़े होंगे?
रामदास तड़स: “हां, वो भी”

अंडरकवर रिपोर्टर: सबसे ज्यादा खर्च किस चीज में आ जाता है?
रामदास तड़स: “जैसे बड़े-बड़े सम्मेलन. अभी खर्चा चालू हो गया हमारा”

अंडरकवर रिपोर्टर: 10 करोड़ आ जाता है. लगभग कितनी सभाएं होती हैं ऐसी?
रामदास तड़स: “कम से कम 70 से 80 सभा होती हैं.”

अंडरकवर रिपोर्टर: सारा पैसा कैश में देना पड़ता है इनको?
रामदास तड़स: “हां, करवा देते हैं, दूसरा, जैसे ये हमारा बूथ प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, नगर पंचायत सदस्य उनको भी देना पड़ता है. तब वे प्रचार करते हैं. गाड़ी देना पड़ता है. 100 गाड़ियों का इस्तेमाल होगा एक महीने तक”

अंडरकवर रिपोर्टर: बूथ पर कितना खर्चा आता है?
रामदास तड़स: “बूथ पर आखिरी दिन रहता है. वो बूथ का जो प्रमुख हैं उनको भेज देते हैं. वो गाड़ी ले के घूमता है”

अंडरकवर रिपोर्टर: लमसम कितना खर्चा आ जाता होगा?
रामदास तड़स: “25 करोड़ में हो जाता है हमारा”

अंडरकवर रिपोर्टर: 25 करोड़ रुपए आपको कैश में देने होंगे?
रामदास तड़स: “हां”

अंडरकवर रिपोर्टर: पूरा कैश में?
रामदास तड़स: “हां”

अंडरकवर रिपोर्टर: डमी उम्मीदवार खड़े करने पड़ते हैं?
रामदास तड़स: “वो.. खड़े करने पड़ते हैं.”

अंडरकवर रिपोर्टर: उनको कितना देना पड़ता है?
रामदास तड़स: “उनको 5 करोड़…. नहीं 3 करोड़ देने पड़ते हैं”

अंडरकवर रिपोर्टर: शराब पिलानी पड़ती है क्या यहां महाराष्ट्र मे?
रामदास तड़स: “हां, कम ज्यादा होता है, अपने-अपने इलाके में”

अंडरकवर रिपोर्टर: हमलोग आपको 13 को जो है 2 करोड़ रुपए मुहैया करवा देंगे.?
रामदास तड़स: “ठीक है”

अंडरकवर रिपोर्टर: हम 13 तारीख को आते हैं?
रामदास तड़स: “आ जाओ, सुबह आ जाए मैं 2 बजे तक हूं इधर”

अंडरकवर रिपोर्टर: जो दो मुहैया कराएंगे, वो घर में करवाएं या यहां हो जाएगा कोई दिक्कत तो नहीं है?
रामदास तड़स: “नहीं”

अंडरकवर रिपोर्टर: वहां से यहां लेकर आने में भी एक रिस्त तो रहता है न, कहीं भगवान न करें कोई गाड़ी रोक ले?
रामदास तड़स: “मेरी गाड़ी लेकर जाना, पार्लियामेंट की गाड़ी लेकर जाना”