लोकसभा के सियासी मैदान में एक सीट ऐसी भी जहां ओलंपियन का मुकाबला ओलंपियन से

2014 में मोदी लहर पर सवार होकर भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर कब्ज़ा जमाया था. हालांकि इसके बाद से राजस्थान का चुनावी गणित काफी बदल चुका है. हाल में हुए विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस ने कब्ज़ा जमाया था. ऐसे में राजस्थान में किसका पलड़ा भारी होगा ये कह पाना मुश्किल है.
Rajyavardhan Singh Rathore, लोकसभा के सियासी मैदान में एक सीट ऐसी भी जहां ओलंपियन का मुकाबला ओलंपियन से

जयपुर. कांग्रेस ने सोमवार रात को राजस्थान की 6 लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों की धोषणा कर दी है. राजस्थान में पहले चरण को लेकर नामांकन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होनी है. ऐसे में कांग्रेस ने अपने सभी उम्मीदवारों की धोषणा कर दी है. लेकिन, जयपुर ग्रामीण से मोदी सरकार के केन्द्रीय मंत्री व ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के सामने चौकानें वाला नाम सामने आया है. जयपुर ग्रामीण से कांग्रेस ने कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट कृष्णा पूनिया को मैदान में उतारा है. कृष्णा सादुलपुर विधानसभा से कांग्रेस की वर्तमान विधायक हैं.

खिलाड़ी के सामने खिलाड़ी
कांग्रेस ने जयपुर ग्रामीण से कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट कृष्ण पूनिया को मैदान में उतारा है. कृष्णा ने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड में गोल्ड मेडल जीता था. वह चक्का फेंक में कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला हैं. इसके साथ ही वह मिल्खा सिंह के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी हैं.

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ एक निशानेबाज है. उन्होंने 2004 के एथेंस ओलंपिक की डबल ट्रैप शूटिंग इवेंट में सिल्वर मेडल पर कब्ज़ा जमाया था. इसके साथ वो ऐसे पहले भारतीय बने, जिसने भारत की आजादी के बाद ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता. राठौड़ भारतीय सेना में कर्नल भी रह चुके हैं. उन्होने 2014 लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) का दामन थामा और 2014 के आम चुनाव में जयपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता सीपी जोशी को हराकर मोदी सरकार में मंत्री पद पाया. भाजपा ने राठौड़ को फिर से जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है.

कर्नल राठौड़ को फायदा
कनर्ल राज्यवर्धन राठौड़ पिछले 5 साल से लगातार अपने लोकसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों के सम्पर्क में हैं. कर्नल राठौड़ की छवी अच्छी, बेबाक और जमीन से जुड़े होने की है.

Rajyavardhan Singh Rathore, लोकसभा के सियासी मैदान में एक सीट ऐसी भी जहां ओलंपियन का मुकाबला ओलंपियन से
राठौड़ मोदी सरकार में मंत्री हैं.

कर्नल राठौड़ के सामने मुश्किलें
मोदी लहर में 2014 लोकसभा चुनाव में जब जयपुर ग्रामीण लोकसभा के चुनाव हुए थे, तब जयपुर ग्रामीण संसदीय सीट में आने वाली आठ सीटों में से 5 सीटों पर भाजपा का कब्जा था. लेकिन, इस बार के सियासी गणित कुछ अलग हैं. इस बार हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में यहां की 8 विधानसभा सीटों में से 5 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के खाते में महज 2 सीटें आई है, वहीं एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है. लोकसभा क्षेत्र में जाट मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. ऐसे में अगर जातिवादी चुनाव होता है तो कनर्ल राठौड़ के लिए मुश्किलें हो सकती हैं.

कृष्णा पूनिया को फायदा
क्षेत्र में सबसे ज्यादा जाट मतदाता. 2009 के अन्दर भी जाट समाज के नेता लालचंद कटारिया ने जयापुर ग्रामीण से जीत हांसिल की थी. कृष्णा पूनिया महिला प्रत्याशी हैं और खिलाड़ी भी हैं. वो जनता के लिए कोई नया नाम नहीं है.

Rajyavardhan Singh Rathore, लोकसभा के सियासी मैदान में एक सीट ऐसी भी जहां ओलंपियन का मुकाबला ओलंपियन से
कृष्णा सादुलपुर विधानसभा से कांग्रेस की वर्तमान विधायक हैं.

कृष्णा पूनिया के सामने मुश्किलें
लोकल उम्मीदवार नहीं होना कृष्णा पूनिया के लिये एक बड़ा चैलेज है. कम समय के अन्दर इतने बड़े लोकसभा ईलाके के अंदर प्रचार करना किसी चेलेंज से कम नहीं है.

सामाजिक ताना—बाना
इस संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक मतदाताओं की बात करें तो जाट, ब्राह्मण और अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या अधिक है. वही गुर्जर, मीणा, यादव, राजपूत, माली और वैश्य मतदाता भी चुनावी गणित को प्रभावित करते हैं. पूरी लोकसभा के अन्दर करीब ढाई से तीन लाख के लगभग जाट और डेढ़ से दो लाख के करीब गुर्जर हैं. साल 2011 की जनगणना के मुताबिक जयपुर ग्रामीण की जनसंख्या 27,06,261 है जिसका 82.25 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण और 17.75 प्रतिशत हिस्सा शहरी है. वहीं कुल आबादी का 15.13 फीसदी अनुसूचित जाति और 8.83 फीसदी अनुसूचित जनजाति है.

2014 के आंकड़ों के मुताबिक जयपुर ग्रामीण सीट पर मतदाताओं की संख्या 16,99,462 है, जिसमें 9,06,275 पुरुष और 7,93,187 महिला मतदाता हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में जयपुर ग्रामीण सीट पर 59 फीसदी मतदान हुआ था, जिसमें भाजपा को 62.4 फीसदी और कांग्रेस को 29.6 फीसदी वोट मिले. वही इस चुनाव में सबसे बड़ी बात यह रही है कि भाजपा और कांग्रेस को छोड़ सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी. ऐसे में अभी इस हॉट सीट पर किसका पलड़ा भारी होगा कह पाना जल्दबाजी होगा. लेकिन कांग्रेस ने एक खिलाड़ी के सामने खिलाड़ी को उतराकर मुकाबला रोचक बना दिया है.

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